उत्तराखंड के नगरासू गुरूद्वारे पर निहंगों का कब्जा! 2 निहंग छत से नीचे उतरे, 5 अब भी ऊपर मौजूद, जानें क्या पूरा मामला

Summary :

Rudraprayag Gurudwara Clash: उत्तरखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नागरासू स्थित गुरुद्वारे में 20 जून से जारी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। हेमकुंड साहिब से लौटते समय निहंग श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में भीड़ पर तलवार से हमला किया था। इसके बाद रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में कुक ह निहंग तीर्थयात्रियों के कब्जा जमाने के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। निहंगों ने सेवादारों से मारपीट की, श्रद्धालु को बंधक बनाया और गुरुद्वारे की छत पर जमकर उत्‍पात मचाया। गुरूद्वारे की छत से दो निहंग नीचे उतरे गुरूद्वारे की छत पर चढ़े 7 में से दो निहंग नीचे…

Rudraprayag Gurudwara Clash: उत्तरखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नागरासू स्थित गुरुद्वारे में 20 जून से जारी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। हेमकुंड साहिब से लौटते समय निहंग श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में भीड़ पर तलवार से हमला किया था। इसके बाद रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में कुक ह निहंग तीर्थयात्रियों के कब्जा जमाने के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। निहंगों ने सेवादारों से मारपीट की, श्रद्धालु को बंधक बनाया और गुरुद्वारे की छत पर जमकर उत्‍पात मचाया।

गुरूद्वारे की छत से दो निहंग नीचे उतरे

गुरूद्वारे की छत पर चढ़े 7 में से दो निहंग नीचे उतर आए हैं। यानी अब गुरूद्वारे की छत पर कुल 5 निहंग मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि निहंगों ने एक श्रद्धालु को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा है। फ़िलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। हालांकि इस विवाद को लेकर अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ सका।

Nihang Sikh Rudraprayag: क्या है निहंगों की मांग?

आपको बता दें कि बीते 16 जून को कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों के साथ हेमकुंड साहिब से लौट रहे निहंग श्रद्धालुओं का विवाद हो गया। इस दौरान निहंगों ने तलवार से भी हमला किया। इसके बाद पुलिस ने चार निहंग सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार किया था।
इन्हीं गिरफ्तार किए गए निहंगों को छोड़े जाने की मांग को लेकर शनिवार से नगरासू के गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर मौजूद हैं। दावा किया गया है कि उन्होंने एक बुजुर्ग सिख श्रद्धालु को बंधक भी बना लिया था। निहंगों के पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे शस्त्र हैं।

Gurudwara Dispute: क्यों भड़के निहंग?

(Image- Social Media)

नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधक बेअंत सिंह के अनुसार, पंजाब के मोहाली से आए कुछ निहंग शनिवार शाम लगभग चार बजे गुरुद्वारे पहुंचे। उन्होंने कर्णप्रयाग की घटना के विरोध में प्रदर्शन करने आए सिख प्रदर्शनकारियों के ठहरने के लिए 50-60 कमरों की मांग की। सिंह ने बताया कि जब गुरुद्वारा प्रबंधन ने इतनी व्यवस्था करने में असमर्थता जताई, तो निहंगों ने कथित तौर पर हंगामा किया और मारपीट शुरू कर दी।

उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए, तीसरी मंजिल के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया और उस हिस्से पर कब्जा कर लिया। सिंह के मुताबिक, उन्होंने अपने साथ एक सिख तीर्थयात्री को भी बंधक बना लिया था और चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया, तो इसके अंजाम भुगतने पड़ सकते हैं।

‘गुरूद्वारे पर कोई कब्ज़ा नहीं किया गया’

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि गुरूद्वारे के अंदर आपसी विवाद हुआ था। वहां शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती की गई है। सब कुछ शांतिपूर्वक चल रहा है। गुरूद्वारे पर कोई कब्ज़ा नहीं किया गया है और न ही किसी को बंधक बनाया गया है। उन्होंने बताया की हेमकुंड साहिब यात्रा भी शांतिपूर्वक चल रही है। गुरूद्वारे के अंदर अरदास, लंगर और लोगों की आवाजाही शांतिपूर्वक है। उन्होंने इस संबंध में किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाने की अपील की है।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।