Dining Table Vastu Tips: भोजन से जुड़े वास्तु नियम

1. बर्तन और थाली का चयन
आप किस पात्र में भोजन कर रहे हैं, इसका आपके Aura पर सीधा प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य और वास्तु की दृष्टि से कांसे के बर्तन सर्वश्रेष्ठ हैं। स्टील का उपयोग भी किया जा सकता है, लेकिन प्लास्टिक के बर्तनों का प्रयोग वर्जित है। इसके अलावा, कभी भी टूटे-फूटे या दरार वाले बर्तनों में भोजन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह दरिद्रता को आमंत्रण देता है। हमेशा स्वच्छ और साबुत बर्तनों का ही चुनाव करें।
2. इतनी होनी चाहिए रोटियों की संख्या
भोजन परोसने का सलीका भी घर की बरकत से जुड़ा है। थाली में सबसे पहले रोटी और चावल रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि इन्हें समृद्धि का प्रतीक माना गया है। ध्यान रखें कि थाली में एक साथ कभी भी 3 रोटियां न परोसें। इसकी जगह 1, 2 या 4 की संख्या में रोटियां देना सही माना जाता है।
3. नमक और अचार का सही स्थान
4. भोजन के लिए सही दिशा
वास्तु विज्ञान में भोजन ग्रहण करते समय सही दिशा चुनना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) की ओर मुख करके भोजन करना सबसे उत्तम है, क्योंकि यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य केंद्र है जो तन और मन दोनों को स्फूर्ति प्रदान करती है। इसके विपरीत, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे नकारात्मकता बढ़ाने वाला माना जाता है।


Download Android App
Download iOS App




