Jwalamukhi Yog February 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कई तरह के योग बनते हैं, जिनमें कुछ योग शुभ होते हैं और अच्छे परिणाम लेकर आते हैं, वहीं कुछ योग अशुभ माने जाते हैं, जो नकारात्मकता का संचार करते हैं। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और तिथियों के मेल से समय-समय पर इन योगों का सृजन होता है। जहां कुछ योग जीवन में सकारात्मकता लाते हैं, वहीं Jwalamukhi Yog Kya Hai इसे समझना जरूरी है क्योंकि ज्वालामुखी योग जैसे कुछ विशेष संयोग अत्यंत कष्टकारी माने जाते हैं। यही कारण है कि इस योग की अवधि में किसी भी मांगलिक कार्य को करने की मनाही होती है।
फरवरी 2026 में साल का पहला Jwalamukhi Yog February 2026 लगने जा रहा है। खास बात यह है कि इस महीने लगातार दो दिनों तक इस योग का प्रभाव बना रहेगा, जो प्रातः काल से दोपहर तक प्रभावी होगा। Jwalamukhi Yog Astrology की गणना के अनुसार, यह योग पांच विशिष्ट तिथियों और नक्षत्रों के आपसी मिलन से बनता है। आइए जानते हैं कि Jwalamukhi Yog kab hai, फरवरी के अंत में यह योग कब-कब रहेंगे, इस दौरान किन कार्यों से दूरी बनाना आवश्यक है और इसके क्या बुरे प्रभाव हो सकते हैं।
Jwalamukhi Yog Date Time: साल 2026 का पहला ज्वालामुखी योग

शास्त्रों के अनुसार, जब अष्टमी तिथि के साथ कृत्तिका नक्षत्र का मेल होता है, तब इस अशुभ योग का निर्माण होता है। पंचांग की गणना बताती है कि 24 फरवरी, मंगलवार को सुबह 07:01 बजे से अष्टमी तिथि शुरू होगी, जबकि कृत्तिका नक्षत्र सूर्योदय से लेकर दोपहर 03:07 बजे तक मौजूद रहेगा। अतः 24 फरवरी को सुबह 07:01 से दोपहर 03:07 के बीच का समय ज्वालामुखी योग के प्रभाव में रहेगा।
Astrology Yog February 2026: दूसरा ज्वालामुखी योग
ठीक अगले दिन यानी 25 फरवरी को दूसरे ज्वालामुखी योग का संयोग बन रहा है। इस दिन नवमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र की युति होने के कारण यह योग सुबह 04:51 बजे प्रारंभ होगा और दोपहर 01:38 बजे तक बना रहेगा। यह Astrology Yog February 2026 के सबसे संवेदनशील समयों में से एक है।
Jwalamukhi Yog February 2026: ज्वालामुखी योग में कौन से काम करने से बचें?

ज्वालामुखी योग की अशुभता को देखते हुए इस समय में विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्य कतई नहीं करने चाहिए। इसके अलावा, नए व्यापार की शुरुआत, वाहन या संपत्ति की खरीद और नए भवन की नींव रखना भी वर्जित माना गया है, क्योंकि इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना कम होती है।
Jwalamukhi Yog Effects: ज्वालामुखी योग के प्रभाव
- इस अशुभ समय में विवाह, सगाई या किसी भी मांगलिक कार्य का आरंभ करने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें बाधाएं आने और असफलता मिलने की प्रबल आशंका रहती है।
- नया व्यापार शुरू करना या संपत्ति और वाहन जैसी कीमती वस्तुओं की खरीदारी करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। इस दौरान किए गए निवेश से भविष्य में आर्थिक संकट पैदा हो सकते हैं।
- ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस विशिष्ट योग की अवधि में जन्म लेने वाले शिशुओं को शारीरिक कष्ट या स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
- यह योग अपने स्वभाव के अनुरूप ही व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, आपसी विवाद और अचानक आने वाली परेशानियों का कारण बन सकता है।
- यदि आप कोई विशेष राशि रत्न पहनते हैं, तो इस समय उसे बार-बार उतारने या बदलने की गलती न करें। ऐसा करने से रत्न के सकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं या विपरीत फल मिल सकते हैं।






















