Vastu Rules for New House: नया घर बनाने से पहले नोट कर लें ये 8 वास्तु नियम; हर दिशा में भर जाएगी पॉजिटिव एनर्जी

Summary :

ये आर्टिकल नए घर के निर्माण के लिए जरूरी वास्तु नियमों के बारे में है, ताकि घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे तथा वास्तु दोषों से बचा जा सके। उत्तर या पूर्व दिशा वाले प्लॉट सबसे अच्छे माने जाते हैं, दक्षिणमुखी प्लॉट खरीदने से बचें।

Vastu Rules for New House: हर इंसान अपने घर में चैन और सुकून से रहना चाहता है। लेकिन घर बनाते वक्त अगर वास्तु के नियमों का ध्यान न रखा जाए, तो जिंदगी में मुश्किलें आने लगती हैं। सही नियम न मानने से घर में वास्तु दोष लग जाता है। जिस घर में यह दोष होता है, वहां के लोगों को पैसों की तंगी, मानसिक तनाव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए, अगर आप नया घर बनाने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

नया घर बनाने के वास्तु नियम (Vastu Tips for Home Construction)

1. प्लॉट का चुनाव

Plot
Plot (Source: Social Media)

वास्तु में प्लॉट की दिशा और उसकी बनावट बहुत मायने रखती है। सही दिशा घर में अच्छी ऊर्जा लाती है, जबकि गलत दिशा से नकारात्मकता आती है। कभी भी दक्षिण दिशा की तरफ मुंह वाला (दक्षिण मुखी) प्लॉट न खरीदें। घर बनाने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा वाले प्लॉट सबसे अच्छे माने जाते हैं।

2. घर का मेन गेट

घर का मेन गेट सही दिशा में होना बहुत जरूरी है, क्योंकि यहीं से घर में सुख, शांति और मां लक्ष्मी का आगमन होता है। मेन गेट का गलत दिशा में होना बहुत बड़ा वास्तु दोष माना जाता है। दरवाजा कभी भी दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में न बनवाएं। इसे हमेशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में ही बनाना शुभ होता है।

3. टॉयलेट की दिशा

घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने कभी भी टॉयलेट नहीं होना चाहिए। टॉयलेट बनाने के लिए उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा सबसे सही रहती है। घर के बीचों-बीच या उत्तर-पूर्व दिशा में टॉयलेट बनवाने से घर में कलह और गरीबी आती है। इसके अलावा, ईशान कोण में मेहमानों का कमरा या टॉयलेट बनाना भी गलत माना जाता है।

4. रसोई घर की सही दिशा

Kitchen
Kitchen (Source: Social Media)

घर में खाना बनाने की जगह हमेशा सही दिशा में होनी चाहिए ताकि परिवार के सदस्यों की सेहत अच्छी रहे। रसोई घर बनवाने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है। किचन में खाना बनाते समय मुंह हमेशा पूर्व दिशा की ओर होना शुभ होता है। उत्तर या दक्षिण दिशा में रसोई बनाने से बचना चाहिए।

5. पूजा घर का स्थान

घर में देवी-देवताओं का स्थान हमेशा पवित्र और सही दिशा में होना चाहिए। पूजा घर के लिए उत्तर-पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। पूजा घर कभी भी टॉयलेट के ऊपर, नीचे या उससे सटा हुआ नहीं होना चाहिए। साथ ही, सीढ़ियों के नीचे भी पूजा घर बनाने से वास्तु दोष लगता है।

6. बेडरूम का स्थान

घर के मास्टर बेडरूम के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। इससे घर के मुखिया का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और मानसिक शांति बनी रहती है। सोते समय सिर हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।

7. तिजोरी या धन रखने का स्थान

Tijori
Tijori (AL Generated)

घर में अलमारी या तिजोरी इस तरह रखनी चाहिए कि उसका दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुले। वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को भगवान कुबेर की दिशा माना जाता है। तिजोरी का दरवाजा उत्तर दिशा में खुलने से घर में धन-समृद्धि की वृद्धि होती है और फीजूल खर्चे कम होते हैं।

8. पानी का स्रोत और टंकी

घर में पीने का पानी, बोरिंग या अंडरग्राउंडवाटर टैंक हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में ही बनवाना चाहिए। छत पर रखी जाने वाली पानी की ओवरहेड टंकी के लिए दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।