सावधान! वृश्चिक संक्रांति पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, जानें क्या है शुभ और अशुभ

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Vrishchik Sankranti par kya kare kya na kare: पंचांग के अनुसार, जब सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उस दिन को संक्रांति कहा जाता है। इसी कड़ी में जब सूर्य तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह दिन वृश्चिक संक्रांति कहलाता है। वृश्चिक संक्रांति के पर्व पर स्नान, दान और पूजा-पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में सूर्य देव 16 नवंबर को तुला राशि से निकलकर मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। इसलिए वर्ष 2025 में वृश्चिक संक्रांति का पावन पर्व रविवार, 16…

Vrishchik Sankranti par kya kare kya na kare: पंचांग के अनुसार, जब सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उस दिन को संक्रांति कहा जाता है। इसी कड़ी में जब सूर्य तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह दिन वृश्चिक संक्रांति कहलाता है। वृश्चिक संक्रांति के पर्व पर स्नान, दान और पूजा-पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में सूर्य देव 16 नवंबर को तुला राशि से निकलकर मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। इसलिए वर्ष 2025 में वृश्चिक संक्रांति का पावन पर्व रविवार, 16 नवंबर को मनाया जाएगा। ऐसे में जिन लोगों को इस बात का संदेह है कि वे Vrishchik Sankranti par kya kare kya na kare तो वे पूरा लेख पढ़ें।

Vrishchik Sankranti Ka Mahatva: वृश्चिक संक्रांति क्यों होती है इतनी खास?

Vrishchik Sankranti 2025
Vrishchik Sankranti par kya kare kya na kare (Photo: AI Generated)

यह दिन सूर्य देव की आराधना को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मा पवित्र होती है। इस अवसर पर पितरों को तर्पण देने और दान-पुण्य करने का विशेष फल प्राप्त होता है। सूर्य का यह गोचर आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और करियर पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसे दान और सेवा का पर्व भी कहा गया है, क्योंकि इस समय सूर्य अग्नि तत्व के प्रतीक रूप में जीवन में नई ऊर्जा और शक्ति का संचार करते हैं।

Vrishchik Sankranti par kya kare kya na kare: वृश्चिक संक्रांति पर किन कामों को करना होगा शुभ, किन्हें नहीं?

Vrishchik Sankranti 2025 पर करें ये 10 काम

Vrishchika Sankranti par kya kare kya na kare
Vrishchik Sankranti par kya kare kya na kare (Photo: AI Generated)
  1. वृश्चिक संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
  2. स्वच्छ वस्त्र पहनें और तांबे के पात्र में जल, लाल चंदन, लाल फूल और गुड़ मिलाकर सूर्य देवता को अर्घ्य दें।
  3. अर्घ्य देते समय “ॐ सूर्याय नमः” या “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
  4. इसके बाद सूर्य देव की धूप, दीप और लाल चंदन से पूजा करें तथा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  5. दान के रूप में अपनी सामर्थ्य अनुसार वस्त्र, अन्न, तिल, गुड़ या अन्य आवश्यक वस्तुएं जरूरतमंदों को दें।
  6. पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म भी करें।
  7. वृश्चिक संक्रांति के दिन जरुरतमंदों को गेहूं, दाल, चावल और अन्य अनाज का दान करना चाहिए। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
  8. इस दिन पुराने कपड़ों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  9. वृश्चिक संक्रांति के दिन आश्रम, बाल गृह या मंदिर में धन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसा करने से भाग्य वृद्धि होती है और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
  10. वृश्चिक संक्रांति के दिन लाल रंग के फल का दान करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन आप मिठाई भी वितरित कर सकते हैं। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है और परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

वृश्चिक संक्रांति पर क्या न करें?

Vrishchika Sankranti par kya kare kya na kare
Vrishchik Sankranti par kya kare kya na kare (Photo: AI Generated)
  1. वृश्चिक संक्रांति के दिन सूर्य को अर्घ्य दिए बिना भोजन ग्रहण न करें।
  2. वृश्चिक संक्रांति के दिन तामसिक भोजन और मांस-मदिरा का सेवन भूलकर भी न करें।
  3. वृश्चिक संक्रांति के दिन शरीर पर तेल लगाने से बचें।
  4. इस दिन अशुद्ध या बासी भोजन खाने से बचें।
  5. इस दिन लड़ाई-झगड़े से बचें। साथ ही किसी को अपशब्द न कहें, न ही किसी से झूठ बोलें।
Vrishchika Sankranti par kya kare kya na kare
Vrishchik Sankranti par kya kare kya na kare (Photo: AI Generated)

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डिस्क्लेमर- इस लेख बताई गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।