अब से सरकार ट्रेफिक नियमों को तोडऩे वालों पर सख्ती पेश आएगी। जी हां हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने मोटर वाहन बिल 2019 को मंजूरी दे दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रु तक का जुर्माना भरना पढ़ सकता है।

बता दें कि संशोधित दंड के साथ ही लाइसेंसिंग भाग पर भी कई उल्लेखनीय बदलाव किए गए है। जिसके लिए आपको अब से ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ही वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए भी आधार कार्ड अवश्यक होगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि आपका ड्राइविंग लाइसेंस को सुरक्षित एंव डिजिटल बनाया जा सके।

इस बिल के दौरान एक और अन्य नियम भी बनाया गया है कि अगर कोई भी नाबलिक सड़क पर गाड़ी चलता है और अगर उससे कोई भी अपराध हो जाए तो उसके गाड़ी मालिक ही इसके लिए जिम्मेदार होगा। बता दें कि ऐसी स्थिति में उसे तीन साल की जेल और 25 हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है।

साथ ही उसके वाहन का पंजीकरण भी रद्द कर दिया जा सकता है। बता दें ये नियम पहले राज्यसभा में ही माननीय था। जो अब 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित है।

बताते चलें कि लाइसेंस गाड़ी चलाने,रैश ड्राइविंग,ड्रिंक करके ड्राइविंग और ओवर स्पीड जैसे हालात में भी आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। यही नहीं ओला,उबर कैब जैसे ड्राइविंग लाइसेंसों के नियमों को तोडऩे पर तो 1 लाख रुपए तक के जुर्मान देना पड़ सकता है।

यहाँ जाने कहां और कितना जुर्माना देना पड़ सकता है…
1.ओवर स्पीडिंग: 1000 से 2000 रुपए
2. बिना बीमा के ड्राइविंग: 2000 रुपए
3. अधिकारियों के आदेशों की अवज्ञा: 2000 रुपए
4. बिना लाइसेंस वाहनों का अनाधिकृत उपयोग: 5000 रुपए
5. बिना हेलमेट: 1000 रुपए व 3 महीने का लाइसेंस निलंबन
6. अयोग्यता के बावजूद ड्राइविंग: 10,000 रुपए
7. तेज व जानलेवा ड्राइविंग: 5000 रुपए
8. नशे में गाड़ी चलाना पर: 10,000 रुपए
9. बिना सीट बेल्ट के ड्राइविंग: – 1000 रुपए
10. ओवरलोडिंग की स्थिति में : 20,000 रुपए


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