मकर संक्रांति इस बार 15 जनवरी बुधवार यानी आज मनाई जा रही है। सूर्य उत्तरायण इस दिन से हो जाता है और समाप्त खरमास हो जाता है। सारे मांगलिक कार्य आज से शुरु हो जाते हैं। गंगासागर में माता गंगा भगीरथ के पीछे चलकर आज के दिन ही मिली थीं।

इसी दिन अपने शरीर को भीष्म पितामह ने त्याग दिया था। खिचड़ी खाने का महत्व इस दिन बहुत अहम होता है। इसी वजह से खिचड़ी का पर्व भी इसे कहा जाता है। मान्यता है कि खिचड़ी मकर संक्रांति के दिन खाने से ग्रहों की स्थिति मजबूत हो जाती है। सारी समस्याएं व्यक्ति के जीवन में दूर हो जाती हैं।

नदी में स्नान करके दान पुण्य करने का मकर संक्रांति के दिन बहुत महत्व होता है। नहा कर चावल, तिल और गुण को छू कर इस दिन जरूरतमंदों को या ब्राह्मण को दान में देते हैं। ऐसा करने से जीवन में व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है।

पुराणों में कहा गया है कि पुण्य की प्राप्ति आज के दिन कुछ काम करने से व्यक्ति को मिलती है। हालांकि कुछ ऐसे भी काम होते हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए। चलिए आपको बताते हैं कि मकर संक्रांति के दिन कौन से काम करने चाहिए और नहीं करने चाहिए।
ये काम जरूर करें मकर संक्रांति के दिन
तिल के तेल को पानी मिलाकर उससे आज के दिन स्नान करना चाहिए।
मकर संक्रांति के दिन तिल का उबटन लगाएं।
तिल से होम मकर संक्रांति के दिन करें।

मकर संक्रांति के दिन जल में तिल डालकर पीएं।
मकर संक्रांति पर तिल से बने पदार्थ जरूर खाएं।
मकर संक्रांति पर तिल का दान जरूर करें।
भूल कर भी ये काम मकर संक्रांति के दिन ना करें
दांत मांजने या बाल धोने मंकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल में ना धोएं।
फसल इस दिन नहीं काटनी चाहिए। साथ ही गाय या भैंस का दूध इस दिन नहीं निकालना चाहिए।
किसी को भी कड़वे बोल इस दिन नहीं बोलने चाहिए।

मकर संक्रांति के दिन कोई भी वृक्ष नहीं काटना चाहिए।
इस दिन मांस और शराब नहीं खाना चाहिए। इस दिन खिचड़ी या सात्विक भोजन ही खाएं।
सूर्य उपासना से मकर संक्रांति का पर्व जुड़ा हुआ है। सूर्य यंत्र की स्थापना आज के दिन करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में आपको लाभ की प्राप्ति होगी।


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