आज के समय में हर कोई भगवान को खुश करने के लिए बहुत से पर्यत्न करता है कोई पूजा पाठ करता है तो कोई व्रत करके बगवान को खुश करता है। लेकिन कई लोग ऐसे भी है जो भगवान को खुश रखने के साथ साथ समाज और जीव का भी कल्याण करता है। जैसे कुछ लोग पक्षियों के लिए पानी ,खाना, दाना और बाजरा आदि रखते हैं।

हिंदू धर्म में पशु-पक्षियों को भी बहुत महत्व दिया गया है। कई पशु-पक्षियों की तो हिंदू धर्म में पूजा भी की जाती है, तो बहुत सारे पशु-पक्षियों को पितरों का दर्जा दिया गया है। इनमें से एक है कबूतर। कबूतर एक ऐसा पक्षी है, जिसे हर दिन आप एक बार जरूर देखते होंगे या फिर आपके घर, आंगन या बालकनी में कबूतर जरूर आता होगा। लेकिन कबूतर को दाना डलाते समय कुछ खास बातों को ध्यान रखना चाहिए।

छत पर ना डाले दाना : कबूतर का छत पर आना अच्छा नहीं माना जाता है इसलिए घर की छत पर कबूतर को दाना न डालकर, अपने आँगन में या घर के बाहर दाना डालें। लेकिन छत पर दाना बिल्कुल भी न डालें। कबूतर जब छत पर दाना खाने आते है तो छत को गन्दी भी तो कर देते है और छत का मतलब राहू है अगर राहू खराब हो जाएगा तो उसका रिजल्ट बुरा ही मिलेगा। ये तो इसका कारण हो गया कि इसलिए छत पर दाना नहीं डालना चाहिए।
कब खिलाएं दाना : पक्षी सुबह ही जल्द ही अपने भोजन की तलाश में निकल जाते हैं इसलिए पक्षियों को दाना हमेशा सुबह सुबह ही देना चाहिए।
क्या खिलाएं : साबुत चने, चने की दाल, भुट्टा और गेहूं खिला सकते हैं।


Download Android App
Download iOS App



