भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को देशभर में गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर ज्यादातर लोग अपने घर पर गणपति लाते हैं ताकि उनके आशीर्वाद से जीवन में मंगल बना रहे। इस अवसर पर बप्पा के भक्त उनकी मनमोहक प्रतिमा चुनकर घर में स्थापना करते हैं।इस खास त्योहार पर गणेश जी मूर्ति खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। गणेश जी की ऐसी मूर्ति घर लानी चाहिए जो शास्त्रों के अनुसार सही हो। यानी पुराणों और ग्रंथों में जैसा गणेश जी का स्वरुप बताया गया है उनकी मूर्ति भी वैसी ही होनी चाहिए।

1.बैठे हुए गणेश जी की प्रतिमा लेना शुभ माना गया है। ऐसी मूर्ति की पूजा करने से स्थाई धन लाभ होता है और कामकाज में आने वाली रुकावटें भी खत्म हो जाती हैं।
2.गणेश जी को वक्रतुंड कहा जाता है। इसलिए उनकी सूंड बांई और मुडी हुई होनी चाहिए। ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और संकटों से छुटकारा मिल जाता है।
3.जिस मूर्ति में गणेश जी के कंधे पर नाग के रुप में जनेउ न हो। ऐसे मूर्ति नहीं लेनी चाहिए।
4.जिस मूर्ति में गणेश जी का वाहन न हो ऐसे प्रतिमा की पूजा करने से दोष लगता है।
गणेशजी की ऐसी मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए जिसमें उनके हाथों में पाश और अंकुश दोनों हो। शास्त्रों में गणेश जी के ऐसे ही रुप का वर्णन मिलता है।


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