IAS का गढ़ कैसे बनी Allahabad University?

Summary :

Allahabad University ने देश को कई अनमोल रत्न दिए हैं

‘पूर्व के आक्सफोर्ड’ कही जाने वाली Allahabad University भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है

हर साल हजारों की संख्या में छात्र इस विश्वविद्यालय में एडमिशन लेते हैं

अंग्रेजों के जमाने में तैयार किया गया इस विश्वविद्यालय के कैंपस की बनावट काफी खूबसूरत है

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने देश को कई अनमोल रत्न दिए हैं। इनमें गुलजारी लाल नन्दा, मोतीलाल नेहरू, विश्वनाथ प्रताप सिंह, गोविन्द वल्लभ पन्त, शंकर दयाल शर्मा  और चन्द्रशेखर जैसे राजनेताओं के नाम शामिल हैं

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी को साहित्य का गढ़ भी कहा जाता है। हिंदी साहित्यकार सत्यप्रकाश सरस्वती, महादेवी वर्मा, धर्मवीर भारती जैसे महान लेखक इसी विश्वविद्यालय में कार्यरत रहें

इतना ही नहीं IAS PCS के चयन में भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय का अच्छा रिकॉर्ड रहा है

इस यूनिवर्सिटी ने देश को कई सारे IAS PCS दिए हैं

इसलिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय को IAS का गढ़ भी कहा जाता है

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Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।