इस बार जन्माष्टमी 24 अगस्त को है। विष्णु जी के आठवें और आखिरी अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी के तौर पर मनाया जाता है। इस खास दिन पर कृष्ण जी का अभिषेक करने समेत कुछ और विशेष चीजें करने से व्यक्ति की सारी इच्छाएं पूरी हो सकती है। तो क्या है पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि आइए जान लेेते हैं सभी चीजें।

जन्माष्टमी का व्रत अष्टमी तिथि से शुरू होता है। वहीं व्रत का पारण नवमी तिथि को होता है। पूजा का शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 1 मिनट से 12:46 तक है। वहीं व्रत के पारण का समय सुबह 5:59 बजे है।

लड्डू गोपाल को ऐसे करें प्रसन्न…
1.जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को प्रसन्न करने के लिए सुबह जल्दी उठकर घर को साफ करें। अब नहाने के बाद पूरे घर में गंगाजल भी छिड़कें।

2.यह व्रत रखते वक्त हाथ मे जल लेकर संकल्प लें। अब दिन के समय में जल में तिल डालकर देवकी जी के लिए प्रसूति गृह बनाएं। यहीं पर लड्डू गोपाल का जन्म कराएं।

3.पूजा करने वाली जगह पर कलश में आम के पत्ते रखकर स्थापित करें। अब भगवान कृष्ण की देवकी माता के साथ मूर्ति रखें।

4.ध्यान रहे जन्माष्टमी की पूजा शुभ मुहूर्त पर ही करें। रात के 12 बजे खीरा काटकर श्रीकृष्ण का जन्म कराएं। अब कृष्ण जी काो गंगाजल,दूध और पंचामृत से स्नान कराएं।

5.लड्डू गोपाल को अभिषेक कराने के बाद उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं साथ ही उन्हें मोर मुकुट भी लगाएं। इसके बाद शंख और घंटी बजाएं।

6.लड्डू गोपाल को प्रसाद में पंजीरी और मिठाई का भोग लगाएं। पूजा के बाद प्रसाद दूसरें लोगों को भी बांटे।

7.घर में सुख-समृद्घि पाने के लिए जन्माष्टमी के दिन घर के कोनों में मोरपंख जरूर लगाना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आगमन होगा।

8.अपनी इच्छा पूर्ति के लिए लड्डू गोपाल के पास बांसुरी रख दें। इसमें एक भोजपत्र पर अपनी इच्छा लिखकर कृष्ण जी के पास में रख दें। अब लड्डू गोपाल की छठी तक रोज धूप-दीप दिखाएं। इससे आपके रूके हुए काम जल्दी ही पूरे होंगे।

9.कृष्ण जी को प्रसन्न करने के लिए माखन और मिश्री का भोग लगाएं। इससे आपके सारे काम बन जाएंगे।


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