लॉकडाउन 2: बुजुर्ग शख्स को परिजन ले जा रहे थे ठेले पर अस्पताल, पुलिसवाले ने देखकर की मदद, देखें वीडियो

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लॉकडाउन के चलते पूरे देश में सन्नाटा छाया हुआ है। आम जनता को अस्पताल पहुंचने के लिए इस आपातकाल स्थिति में सब कुछ बंद होने की वजह से मुश्किल हो रही है। इसी बीच मध्यप्रदेश

लॉकडाउन के चलते पूरे देश में सन्नाटा छाया हुआ है। आम जनता को अस्पताल पहुंचने के लिए इस आपातकाल स्थिति में सब कुछ बंद होने की वजह से मुश्किल हो रही है। इसी बीच मध्यप्रदेश से एक मामला सामने आया है। यहां पर एक बुजुर्ग का पैर टूट गया जिसके बाद ठेले पर अस्पताल परिवार के सदस्य लेकर गए। लेकिन जब बुजुर्ग को पुलिस ने देखा तो अपनी गाड़ी में खुद उन्हें अस्पताल पहुंचाया। 
परिजन ले जा रहे थे ठेले पर लाद कर अस्पताल 
केंद्र सरकार ने देश कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 3 मई तक लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया। देशव्यापी लॉकडाउन को कोरोना पर काबू पाने के लिए किया गया है और 23 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। कई समस्याओं का सामना ऐसे में लोगों को करना पड़ रहा है। दरअसल मध्यप्रदेश में लॉकडाउन के कारण कोई वाहन बुजुर्ग शख्स के परिवार वालों को नहीं मिला था जिसकी वजह से उन्हें ठेले पर अस्पताल लेकर जा रहे थे।

कोई साधन नहीं मिला लॉकडाउन में

लॉकडाउन के मजदेनज़र पुलिस सड़कों पर गशत लगाती नजर आती रहती है। जब मध्यप्रदेश में पुलिस ने ठेले पर बुजुर्ग को जाते हुए देखा तो रोक कर मदद करी। मध्यप्रदेश के होशंगाबाद थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी सूरज जामरा ने कहा कि लॉकडाउन में उसी इलाके में रहने वाले बुजुर्ग का एक पैर फ्रैक्चर हो गया जिसके बाद एक महिला और पुरुष ठेले पर अस्पताल लेकर उन्हें जा रहे थे।
अपनी गाड़ी में पुलिस वाले ने पहुंचाया अस्पताल
इस मामले पर पुलिस अधिकारी सूरज जामरा ने बताया, लॉकडाउन के चलते हम लोगों पर नजर रखने के लिए गशत करते रहते हैं, इसी दौरान हमारी नजर उनपर पड़ी,हमने उन्हें रोका। पूछने पर उनकी समस्या पता चली जिसके बाद बुजुर्ग को पुलिस ही गाड़ी में बिठाकर अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल बुजुर्ग की हालत सामान्य है और वह अस्पताल ने अपना इलाज करा रहे है। 
कोरोना वायरस पहुंचा इंदौर में खतरनाक स्टेज पर

 
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लगातार कहर कोरो ना वायरस का बढ़ रहा है। कोरो ना के मरीजों की संख्या यहां पर 842 के पार हो गई है। जबकि इससे 39 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 37 लोग ठीक हो चुके है। इंदौर के अलग अस्पतालों में कोरो ना के 392 मरीज़ है जिनकी हालत स्थिर है।

Desk Team