ओडिशा का ये कैफे आधा किलो प्लास्टिक के बदले दे रहा है मुफ्त में खाना

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दुनिया भर में आज के समय में सबसे बड़ी गंभीर समस्या प्लास्टिक से होने वाला प्रदूषण बन चुका है। प्लास्टिक से होने वाला प्रदूषण पहाड़ों से लेकर महासागरों तक तबाही का सबब बन चुका है।

दुनिया भर में आज के समय में सबसे बड़ी गंभीर समस्या प्लास्टिक से होने वाला प्रदूषण बन चुका है। प्लास्टिक से होने वाला प्रदूषण पहाड़ों से लेकर महासागरों तक तबाही का सबब बन चुका है। प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण से मनुष्य के साथ-साथ अब जानवरों को भी कई समस्याएं हो रही हैं। प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर अब इन सारे कारणों से जागरुक हो रहे हैं। साथ ही लोग अब प्लास्टिक का इस्तेमाल करने से रोक भी रहे हैं। 
इस मुहीम में अब ढाबें, कैफे ये सब शामिल हो चुके हैं। दरअसल यह मुफ्त में खाना दे रहे हैं प्लास्टिक के बदले में। खबरों के अनुसार, ऐसी ही एक पहल ओडिशा के एक कैफे में शुरु हुई है। ओडिशा के इस कैफे में मुफ्त में खाना आधा किलो प्लास्टिक के बदले में दिया जा रहा है। संयुक्त राज्य विकास कार्यक्रम के साथ मिलकर कैफे ने यह काम शुरु किया है। 
यह कैफे प्लास्टिक के बदले मुफ्त में खाना राज्य सरकार की आहार योजना के तहत इस मुहीम में काम कर रहा है। राज्य सरकार ने भुवनेश्वर में इसके तहत आहार केंद्र संचालित किए है और वहां पर इस योजना पर काम हो रहा है। 
इस मामले में बीएमसी आयुक्त प्रेम चंद्र चौधरी ने बताया, यह एक प्लास्टिक संग्रह अभियान है जो लोगों को खाद्य सुरक्षा देता है। बहुत सारे लोग हैं जो प्लास्टिक इकट्ठा करते हैं और बहुत से लोग इसे फेंकते हैं, जिससे समस्या उत्पन्न होती है। इसलिए हमने सोचा कि इस प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करने के लिए कुछ किया जाना चाहिए। जहां दोनों उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके। प्रेम चंद्र चौधरी ने आगे बताया, इसलिए अब कोई भी आधा किलो प्लास्टिक लेकर भुवनेश्वर के 11 आहर केंद्रों में से किसी पर भी जाकर इसे दे सकता है और बदले में खाना खा सकता है। 

एएनआई को यूएनडीपी के प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट हेड तराना शयाद ने कहा, यह प्रोजेक्ट पर्यावरण की सुरक्षा और प्लास्टिक कचरे को लेकर लोगों के बीच जागरुकता पैदा करने कि दिशा में एक छोटा कदम है। हम आहार केंद्रों से सभी प्लास्टिक एकत्र करेंगे और इसे उचित तरीके से रिसायकल करेंगे। 

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