पुत्रदा एकादशी का व्रत हर साल श्रावण माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन आती है। 30 जुलाई गुरुवार यानी आज पुत्रदा एकादशी का व्रत मनाया जा रहा है। हिन्दू धर्म के मुताबिक, संतान प्राप्ति एवं संतान से जुड़ी अन्य समस्याओं के निवारण के लिए पुत्रदा एकादशी का व्रत होता है।

धन और आरोग्य की प्राप्ति के लिए भी पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं। बेहद फलदायी यह एकादशी मानी जाती है। आप निर्जल और जलीय अथवा फलाहार दोनों तरीकों से यह व्रत रख सकते हैं। हिंदू धर्म में कुछ चीजों के बारे में बताया गया है जो इस दिन करनी होती। चलिए आपको बताते हैं क्या इस दिन नहीं करना चाहिए।
न करें चावल का सेवन
हिंदू धर्म में बताया गया है कि चावल का सेवन एकादशी के दिन नहीं किया जाता है। मान्यता के मुताबिक जो मनुष्य चावल का सेवन एकादशी के दिन करता है उसका जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है। जो लोग व्रती होते हैं उन्हें भी चावल का सेवन इस दिन नहीं करना चाहिए।

न करें गुस्सा
भगवान विष्णु की अराधना एकादशी के पावन दिन की जाती है। भगवान का गुणगान ही इस दिन करें। व्यक्ति को बिलकुल गुस्सा इस दिन नहीं करना चाहिए और वाद-विवाद भी नहीं करें।

नहीं बनाने चाहिए शारीरिक संबंध
एकादशी केदिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए, शारीरिक संबंध इस दिन नहीं बनाएं। भगवान विष्णु की पूजा एकादशी के दिन की जाती है। भगवान विष्णु की पूजा इस दिन करने से विशेष लाभ होता है।

नहीं करना चाहिए महिलाओं का अपमान
एकादशी के दिन जो भी महिलाओं का अपमान करता है उसे व्रत का फल प्राप्त नहीं होता। हालांकि व्यक्ति को महिलाओं का अपमान एकादशी के दिन के साथ किसी भी दिन नहीं करना चाहिए। महिलाओं का सम्मान जो व्यक्ति नहीं करते उनके जीवन में हर तरह की समस्याएं आती हैं।

नहीं करना चाहिए मांस-मदिरा का सेवन
मांस- मंदिरा का सेवन भी एकादशी के दिन नहीं करते। जीवन में तमाम तरह की परेशानियां पैदा इस दिन ऐसा करने से हो जाती हैं। इस दिन व्यक्ति को व्रत रखना चाहिए। अगर आप इस दिन व्रत नहीं रखते तो सात्विक भोजन का सेवन करें।



Download Android App
Download iOS App



