वास्तु के मुताबिक कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिन्हें पूजा घर में रखना शुभ नहीं माना जाता और कौन सी चीजें मंदिर में रखना शुभ होता है। आइए वास्तु के अनुसार जानते हैं घर के मंदिर और पूजा-पाठ से जुड़ी खास बातें।

घर या मंदिर में पूजा करने के लिए कुछ विशेष सामग्री का होना जरूरी है। उन सभी को मिलाकर ही पूजा की जाती है। हालांकि पूजा सामग्री तो बहुत सारी होती है लेकिन अगर आप केवल ये दो चीजें ही मंदिर में रख लेगें तो बहुत शुभ होगा।

चंदन : चंदन शांति व शीतलता का प्रतीक है। एक चंदन की बट्टी और सिल्ली पूजा स्थल पर रहना चाहिए। चंदन की सुगंध से मन के नकारात्मक विचार समाप्त होते हैं। चंदन को शालग्राम और शिवलिंग पर लगाया जाता है। माथे पर चंदन लगाने ने मस्तिष्क शांत भाव में रहता है।

अक्षत : अत्यंत श्रम से प्राप्त संपन्नता का प्रतीक है चावल जिसे अक्षत कहा जाता है। अक्षत अर्पित करने का अर्थ यह है कि अपने वैभव का उपयोग अपने लिए नहीं, बल्कि मानव की सेवा के लिए करेंगे।

इसके साथ आप तांबे का सिक्का भी रख सकते हैं।तांबे में सात्विक लहरें उत्पन्न करने की क्षमता अन्य धातुओं की अपेक्षा अधिक होती है। कलश में उठती हुई लहरें वातावरण में प्रवेश कर जाती हैं। यदि कलश में तांबे के पैसे डालते हैं, तो इससे घर में शांति और समृद्धि के द्वार खुलेंगे। एक तांबे के बुत ही छोटे से लोटे में गंगाजल भरकर अवश्य रखें। कई बार हमें इस जल की आवश्यकता पड़ती है। गंगाजल का कलश भी जल कलश की तरह रखें।
देखने में ये उपाय छोटे से जरूर लगते हैं लेकिन इनका असर जबरदस्त होता है।


Download Android App
Download iOS App



