इस साल कृष्ण जन्माष्टमी कल यानी 12 अगस्त को मनाई जाएगी। जन्माष्टमी का पावन त्योहार हर साल भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ता है। इस दिन कृष्ण भक्त उपवास रखते हैं।साथ ही जन्माष्टमी उत्सव संपूर्ण भारत में बड़ी धूम के साथ मनाया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना संकट की वजह से कृष्ण भक्तों के लिए थोड़ी परेशानी जरूर झेलनी पड़ सकती है। खैर,कृष्ण जन्माष्टमी का दिन बहुत शुभ होता है इसलिए इस दिन कुछ ऐसी खास बातें जिनका ध्यान आपको जरूर रखना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि कृष्ण पूजा के दौरान कौन से काम करने अशुभ माने जाते हैं।

1.नहीं तोड़े तुलसी के पत्ते
जन्माष्टमी के दिन कभी भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान विष्णु को श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है और तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है, इसलिए इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना सबसे ज्यादा अशुभ माना जाता है।

2.चावल का सेवन न करें
जो भी लोग जन्माष्टमी का व्रत नहीं रखते हैं, उन्हें भी इस दिन चावल खाने से परहेज करना चाहिए। जन्माष्टमी के दिन चावल और जौ से बने भोज्य पदार्थ का भूल से भी सेवन नहीं करना चाहिए।

3.तामसिक भोजन
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लहसुन, प्याज या कोई भी अन्य तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। इस दिन घर में मांस और शराब लाना भी वर्जित है।

4.गायों का अपमान न करें
जन्माष्टमी को गायों का अपमान नहीं करना चाहिए। भगवान कृष्ण को गायों से बहुत प्रेम था और कान्हा जी भी बचपन गायों के साथ ही खेलते थे। मान्यता यह भी है जो गाय की पूजा करता है उसे श्री कृष्ण का आशीर्वाद अवश्य मिलता है।

5.बारह बजे से न खोलें व्रत
इस दिन व्रती लोगों को रात में बारह बजे से पहले अपना व्रत नहीं खोलना चाहिए। क्योंकि उससे पहले व्रत खोलने से पूजा का फल नहीं मिलता है साथ ही व्रत अधूरा माना जाता है।



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