पानी बर्बाद करने से पहले देख लें ये वीडियो, इस गांव में महिलाएं जोखिम में डालती हैं अपनी जान

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भारत के एक गांव में पानी की भारी कमी के कारण महिलाएं 70 फीट गहरे कुएं में उतरकर गंदा पानी भरने को मजबूर हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों को पानी की बर्बादी से बचने की सीख मिल रही है। नासिक जिला परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, योजना में गर्मी के मौसम में जरूरतमंद गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल आपूर्ति टैंकरों की तैनाती की बात कही गई है। भारत का एक ऐसा गांव जहां आज भी लोगों को पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ऐसे भी बहुत लोग…

भारत के एक गांव में पानी की भारी कमी के कारण महिलाएं 70 फीट गहरे कुएं में उतरकर गंदा पानी भरने को मजबूर हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों को पानी की बर्बादी से बचने की सीख मिल रही है। नासिक जिला परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, योजना में गर्मी के मौसम में जरूरतमंद गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल आपूर्ति टैंकरों की तैनाती की बात कही गई है।

भारत का एक ऐसा गांव जहां आज भी लोगों को पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ऐसे भी बहुत लोग है जो आज भी पानी को बड़ी आसानी से बर्बाद कर रहे हैं। चाहे वो पानी किसी रूप में बर्बाद करें। कभी-कभी तो ऐसा होता है लोग पानी को इस कदर बर्बाद करते हैं जैसे उन्हें कल का कुछ पता न हो। हमेशा पानी की किल्लत की खबरे आती रहती है। खासकर पानी की कमी होने की खबरे गर्मियों में अधिक मिलती है। ऐसे में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ महिलाएं अपना जान जोखिम में डालकर लगभग 70 फीट नीचे कुएं में उतरकर गंदा पानी भरने पर मजबूर दिख रही हैं।

महाराष्ट्र के नासिक जिले की कहानी

जी हां, आपने सही सुना, महाराष्ट्र के नासिक जिले के बोरीचिवरी गांव के लोग इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्हें पानी के लिए कही दूरदराज जाना पड़ रहा हैं। हद तो तब हो गई जब महिलाएं अपने जान की प्रवाह किए कुएं में उतर कर गंदा पानी भर रही है। इस वीडियो को देखने के बाद आप पानी बर्बाद करने से पहले दस बार जरूर सोचने के लिए मजबूर हो जाएंगे। महिलाएं के कुएं में पानी लेने जाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। नासिक के कई गांव ऐसे है जहां महिलाओं को दूर तक पैदल चलकर पानी लेने जाना पड़ता है. साल 2022 में भू जल सर्वे में पता चला कि जिले के कई ऐसे गांव है जहां गर्मी शुरू होते ही पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।

लोग गंदा पानी पीने को मजबूर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नासिक जिले में इस कदर पानी की किल्लत लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा हैं। लोग गंदा पानी पीने और इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हैं। इससे पहले भी फरवरी 2025 में जिला प्रशासन ने नासिक जिले में पानी की कमी को पूरा करने के लिए 8.8 करोड़ रूपये की मंजूरी दे दी थी। इस योजना में खासतौर पर पेयजल आपूर्ति से जुड़े उपायों पर जोड़ दिया गया था। नासिक जिला परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, योजना में गर्मी के मौसम में जरूरतमंद गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल आपूर्ति टैंकरों की तैनाती की बात कही गई है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।