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क्या है ‘Deja Vu’ और कैसे होता है ये? क्या कोई बीमारी से है इसका कनेक्शन?

‘Deja Vu’ गाना शायद आपने सुना होगा। जिसमें गायिका डेजा वू शब्द का इस्तेमाल करती है। आपने भी शायद सोचा होगा कि इस शब्द का अर्थ क्या होता है या फिर ये होता है कैसे है तो आइए इसके बारे में जानते है।

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क्या है ‘Deja Vu’ ?

दरअसल, जब कोई इंसिडेंट आपके साथ हो रहा होता है, तो आपको ऐसा महसूस हुआ होगा कि ये घटना पहलरे भी हो चुकी है। या फिर आप कहीं बाहर जाते है तो आपको अचानक ये एहसास हुआ होगा कि आप पहले भी इस जगह पर आ चुके हैं।

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इस तरह की फीलिंग सभी को कभी न कभी आती जरूर है और ये फीलिंग सिर्फ कुछ सेकंड के लिए रहती है और इसी फीलिंग को ‘डेजा वू’ (Deja Vu) कहते हैं, जो एक फ्रांसीसी वर्ड है, जिसका मतलब होता है कि किसी इंसिडेंट या फीलिंग को आप पहले भी देख चुके हैं।

 

एक रिपोर्ट के मुताबिक लाइसेंस्ड क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. सनम हाफ़िज़ ने बताया कि ‘डेजा वू’ एक खास तरह की फीलिंग है, जिसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि जो उसके साथ वर्तमान में हो रहा है, वह पहले भी कहीं घटित हो चुका है।

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हालांकि ये असल में एक नई और अनजानी घटना होती ह। डॉ. हफीज ने बताया कि ‘डेजा वू’ जब आता है तो व्यक्ति को ऐसा लगता है कि वह पहले भी इसे महसूस कर चुका है या जो वर्तमान में उसके साथ घटित हो रहा है, वह पहले भी कहीं हो चुका है।

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‘Deja Vu’ क्यों आता है ‘?

एक शख्स के साथ ‘डेजा वू’ के आने के पीछे की वजह हमेशा से रहस्यमय बनी हुई है। इसे समझाने के लिए कई सारे सिद्धांत भी सामने लाये गए है। उन्हीं में से कुछ लोगों का मानना है कि शायद डेजा वू का एक कनेक्शन दिमाग के कई सारी यादों को स्टोर कर रखने से हो सकता है।

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क्योंकि 60 से 70 प्रतिशत तक अच्छी हेल्थ वाले लोग अपनी पूरी जिंदगी में किसी न किसी पड़ाव में ‘डेजा वू’ को एक्सपीरियंस जरूर करते हैं। वहीं, अन्य सिद्धांतों से यह भी मालूम चलता है कि हमारा दिमाग कई सारी चीजों से जानकारी लेता है और उसे प्रोसेस करता है।

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क्या ‘Deja Vu’ का कनेक्शन बीमारी से है?

बता दें कि ऐसा जरूरी नहीं कि डेजा वू सिर्फ एक ही एजग्रुप के लोगों को होता है क्योंकि ये फीलिंग सभी एजग्रुप के लोगों को कभी न कभी तो जरूर आती है। हालांकि इसे किसी बीमारी से नहीं जोड़ा जा सकता है। ये एक सामान्य स्थिति है, जो लगभग हर इंसान के साथ घटित होती है।

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हेल्थ डॉट कॉम की मानें तो 15-25 साल के लोग डेजा वू को सबसे ज्यादा महसूस करते हैं। इसके अलावा, जिन लोगों ने बहुत ज्यादा पढ़ाई की है या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की कई बार यात्रा की है, उनमें भी ये कंडीशन सबसे ज्यादा देखी जा सकती है।

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