दुनिया के सबसे दुर्लभ सफेद मगरमच्छ का जन्म, सिर्फ 7 ही बचे हैं जिंदा!

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Super rare leucistic alligator: अमेरिका के फ्लोरिडा में दुर्लभ सफेद मगरमच्छ का जन्म हुआ है। इन मगरमच्छ की संख्या पूरी दुनिया में सिर्फ 7 है। ऐसे में जब एक अंडे से गुलाबी त्वचा और क्रिस्टल नीली आंखों के साथ मगरमच्छ का बच्चा निकला तो उसे देखकर वैज्ञानिक चौंक गए। 36 साल में पहला ऐसा जन्म 36 साल पहले लुइसियाना में ल्यूसिस्टिक मगरमच्छों के घोंसले की खोज के बाद से इस तरह के बच्चे के जन्म का ये पहला मामला है। जिस कारण जब सफेद रंग का मगरमच्छ निकला तो वैज्ञानिक भी चौंक गए। वहीं इस मादा बच्चे ने लोगों का दिल…

Super rare leucistic alligator

Super rare leucistic alligator: अमेरिका के फ्लोरिडा में दुर्लभ सफेद मगरमच्छ का जन्म हुआ है। इन मगरमच्छ की संख्या पूरी दुनिया में सिर्फ 7 है। ऐसे में जब एक अंडे से गुलाबी त्वचा और क्रिस्टल नीली आंखों के साथ मगरमच्छ का बच्चा निकला तो उसे देखकर वैज्ञानिक चौंक गए।

Super rare leucistic alligator

36 साल में पहला ऐसा जन्म

36 साल पहले लुइसियाना में ल्यूसिस्टिक मगरमच्छों के घोंसले की खोज के बाद से इस तरह के बच्चे के जन्म का ये पहला मामला है। जिस कारण जब सफेद रंग का मगरमच्छ निकला तो वैज्ञानिक भी चौंक गए। वहीं इस मादा बच्चे ने लोगों का दिल जीत लिया है, जिनका मानना है कि इसे ‘बेबी सिनात्रा’ (Baby Sinatra) कहा जाना चाहिए।

Super rare leucistic alligator

सौभाग्य से मिलता है इसे देखने का मौका

एक रिपोर्ट के मुताबिक, गेटोरलैंड ऑरलैंडो (Gatorland Orlando) में इस मगरमच्छ के जन्में जाने की खबर गुरुवार को सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसकी क्लिप यूट्यूब में भी जारी की गई है। एक शख्स ने बताया कि, ‘काजुन लोककथाओं (Cajun folklore) के मुताबिक भाग्यशाली लोगों को ही सफेद मगरमच्छ की क्रिस्टल नीली आंखों को देख पाने का सौभाग्य मिलता है’। साथ ही उन्होंने माना कि ये अत्यंत दुर्लभ सेफद ल्यूसिस्टिक मगरमच्छ का बच्चा है।

चमकदार नीली होती हैं इनकी आंखें

Super rare leucistic alligator: पार्क अधिकारियों ने बताया कि विश्व स्तर पर केवल सात जीवित ल्यूसिस्टिक मगरमच्छ हैं, जिनमें से तीन गेटोरलैंड में रहते हैं। पार्क के अधिकारियों ने पोस्ट में कहा कि ‘ल्यूसिस्टिक मगरमच्छ अमेरिकी मगरमच्छों में सबसे दुर्लभ आनुवंशिक भिन्नता है। वे अल्बिनो मगरमच्छों से अलग होते हैं, जिनकी आंखें गुलाबी होती हैं और रंगद्रव्य पूरी तरह से नष्ट हो जाता है।

मगरमच्छों में ल्यूसिज्म सफेद रंग का कारण बनता है, लेकिन उनमें अक्सर धब्बे होते हैं या उनकी त्वचा पर सामान्य रंग के धब्बे होते हैं। गहरे रंग की त्वचा के बिना, उन्हें लंबे समय तक सीधी धूप नहीं मिल सकती है क्योंकि वे आसानी से धूप में झुलस जाते हैं। अल्बिनो मगरमच्छ की गुलाबी आंखों की तुलना में ल्यूसिस्टिक मगरमच्छों की आंखें भी चमकदार नीली होती हैं’।

दुर्लभ से भी परे ल्यूसिस्टिक मगरमच्छ

गेटोरलैंड के अध्यक्ष और सीईओ मार्क मैकहुघ ने कहा, ‘यह दुर्लभ से भी परे है, यह बिल्कुल असाधारण जीव है। ये सरीसृप दुनिया में विशेष जानवर हैं, और हम उनकी सुरक्षा और संरक्षा को लेकर बहुत सावधान रह रहे हैं। हम उन्हें अगले साल की शुरुआत में प्रदर्शित करने की प्लानिंग बना रहे हैं ताकि लोग इसे देख सकें. उन्हें देखें, उनके बारे में जानें और उनसे वैसे ही प्यार करें, जैसे हम करते हैं’।

Super rare leucistic alligator

बता दें, गेटोरलैंड ऑरलैंडो ने 2024 की शुरुआत में नवजात सफेद मगरमच्छ को जनता के सामने प्रदर्शित करने की योजना बनाई है, ताकि विजिटर्स को नेचर के इस अनमोल चमत्कार को देखने का मौका मिले।

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Ritika Jangid