हर इंसान लेटकर सोते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ लोगों को आप बसों में सफर करते समय, दफ्तरों में बैठे-बैठे भी खर्राटे लेते हुए देखें होंगे। पर जापान के होक्काइडो के कोयोज़ू प्लाइवुड कॉर्पोरेशन द्वारा डिज़ाइन किए गए इन स्लीपिंग पॉड का यूज़ खड़े या सीधे सोने के लिए किया जा सकता है। हां ये आपको सुनने में थोड़ा आजीव लग सकता है, लेकिन अब खड़े-खड़े भी सो सकते है। ‘जिराफेनैप’ नाम के ये स्लीपिंग पॉड 8.4 फीट ऊंचे और चार फीट चौड़े तक होते है।

हालाँकि देखने में आपको यह पुराने ज़माने के टेलीफोन बूथ जैसा दिखता है, लेकिन इसमें आपको कई सारी सुविधाएँ मिलती हैं। साथ ही आपको इसमें कई प्रकार की और सुविधाएँ मिलेगी। इस पॉड में आप डेस्क पर बैठ कर काम कर सकते हैं और साथ ही आप खड़े होकर झुकना चाहते हैं, तो बस एक लीवर यानी बटन दबाने पर यह भी यह ऊपर उठेगा।

इसमें सिर को आराम देने के लिए एक तकिया भी लगाया गया है। साथ ही इसमें एक और खासियत ये है कि आप इस तकिए को अपने हिसाब से सेट भी सकते है। अब ये जापान में एक नया आकर्षण बन गया है जहां कार्यस्थलों पर सोने की अनुमति मिलती है। जापान अपनी अनूठी तकनीक के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है और अब जापान ने दुनिया के सामने स्टैंडिंग स्लीपिंग पॉड्स पेश करने के लिए तैयार है ताकि कर्मचारी नींद की झपकी ले सकें।

जापान में ऑफिस में लंबे समय तक काम करना एक बड़ी समस्या है, इसलिए ये कंपनियां इस समस्या का समाधान निकालना चाहती हैं। आपको बता दे बेंगलुरु स्थित स्टार्ट-अप ‘वेकफिट’ अपनी नई ‘नैप टू नैप’ नीति के तहत अपने 600 कर्मचारियों को काम पर सोने की अनुमति दे रहा है।

मई में कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक ई-मेल के अनुसार, वेकफिट के सह-संस्थापक चैतन्य रामलिंगौड़ा ने घोषणा की कि स्टाफ सदस्यों को अब काम के दौरान 30 मिनट तक की झपकी लेने की अनुमति होगी।


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