कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके और पार्टी स्पोकपर्सन सौरव दास की परेशानी एक बार फिर बढ़ती हुई दिख रही है। वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने बंगाल के सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में उन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम की कई धाराओं में मामला दर्ज कराया है। याद हो कि इससे पहले, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने भी मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस में दीपके के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद ऐसा लगता है कि अभिजीत दीपके की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
कई धाराओं में केस दर्ज
बता दें कि सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में CJP फाउंडर और स्पोकपर्सन के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की धारा 13, 14 और 15 और BNS की धारा 153 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह का आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान नाबालिग बच्चों को शामिल किया और देश विरोधी एजेंडा चलाने की कोशिश की गई। रिंकी चटर्जी ने CJP आयोजकों के खिलाफ Zero FIR दर्ज कराई है। रिंकी चटर्जी ने इस प्रदर्शन के पीछे फंडिंग पर भी कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस प्रोटेस्ट के लिए पैसे कहां से मिले थे?
#WATCH | Siliguri, West Bengal: On submitting a complaint for registration of a Zero FIR against Saurav Das, Abhijeet Dipke, and CJP organisers under sections of the POCSO Act, Advocate Rinki Chatterjee Singh says, “The FIR was filed over an incident at Jantar Mantar on July 20,… pic.twitter.com/N0GuAenHkH
— ANI (@ANI) August 5, 2026
प्रोटेस्ट में 12 साल की बच्ची को क्यों बुलाया गया?

मालूम हो कि CJP ने NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगभग डेढ़ महीने तक प्रदर्शन किया। 20 जुलाई, 2026 को जंतर-मंतर से संसद भवन तक एक मार्च निकाला गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन में आयोजकों ने एक नाबालिग को शामिल किया था; प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद पीएम मोदी ने इंस्टा वीडियो से यह कहा था कि वह युवाओं की टिप्पणियों के लिए उन्हें माफ़ करते हैं। उनके ऊपर कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसे में अधिवक्ता रिंकी चटर्जी ने सवाल उठाया है कि 12 साल की बच्ची को इस प्रोटेस्ट में कौन लेकर आया। उन्होंने कहा,”उस उम्र का बच्चा कानूनी तौर पर ‘देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे’ की श्रेणी में आता है।
धारा 13, 14, 15 और BNS 153 में क्या है सजा?
| धारा | अपराध | सजा |
|---|---|---|
| POCSO धारा 13 | बच्चे का अश्लील सामग्री (पोर्नोग्राफी) के लिए इस्तेमाल | अपराध की परिभाषा, सजा धारा 14/15 में |
| POCSO धारा 14 | बच्चे का पोर्नोग्राफिक उपयोग/प्रसारण | पहली बार कम से कम 5 साल + जुर्माना, दोबारा कम से कम 7 साल + जुर्माना |
| POCSO धारा 15 | बाल अश्लील सामग्री रखना, साझा करना या संग्रहित करना | मामले के अनुसार 3 से 5 साल या अधिक की कैद + जुर्माना |
| BNS धारा 153 | विदेशी सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना/मदद करना | आजीवन कारावास या 7 साल तक की कैद + जुर्माना |


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