ममता बनर्जी ने क्यों नहीं की शादी? जानिए क्या थी इसके पीछे की बड़ी वजह

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पश्चिम बंगाल की वरिष्ठ नेता और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी अपनी सादगी, संघर्ष और राजनीतिक सफर के लिए जानी जाती हैं। उनकी निजी जिंदगी को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि उन्होंने शादी क्यों नहीं की। इसका जवाब ममता बनर्जी ने खुद एक इंटरव्यू में दिया था।

राजनीतिक महकमे में एक ऐसा नाम है जो आज न केवल बंगाल में, बल्कि पूरे देश में बहुत मशहूर है। इसकी लोकप्रियता की कहानी भी काफी अनोखी है। आप सोच रहेंगे यहां बात किसकी हो रही है। हालांकि,आप अंदाजा भी लगा रहे होंगे। ऐसे में बिना समय बर्बाद किए, आइए जानते हैं कि वह महिला राजनेता कौन हैं, जो कभी बंगाल में ‘दीदी’ के नाम से मशहूर थीं, और अब उन्हें पूरे देश में लोकप्रियता मिल चुकी है। यह महिला राजनेता कोई और नहीं, बल्कि बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ही हैं। उनको लेकर अक्सर लोगों के मन में एक सवाल जरूर होता है कि ममता दीदी कुंवारी क्यों है उन्होंने शादी क्यों नहीं की? उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बताया कि अगर उन्होंने शादी की होती, तो वे पारिवारिक जीवन में बंध जातीं और कभी भी समाज सेवा और राजनीति पर अपना पूरा ध्यान नहीं दे पातीं।

इस वजह से नहीं की शादी?

Is Mamata Banerjee Married (CREDIT-SM)

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ममता बनर्जी ने कभी शादी नहीं की। उनका मानना था कि यदि वह पारिवारिक जीवन में बंध गई, तो वह अपना पूरा समय और ध्यान समाज सेवा और राजनीति को नहीं दे पाएंगी। ममता बनर्जी ने बहुत कम उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था। ऐसे में उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी आई और उन्होंने बंगाल की जनता को ही अपना परिवार मानकर जीवन समर्पित करने का फैसला लिया। ममता के पिता का निधन तब हुआ जब वह सिर्फ 17 साल की थीं। इसके बाद, परिवार की पूरी ज़िम्मेदारी उन पर आ गई। यह सब देख कर ममता शादी के लिए कभी तैयार नहीं हुई और उन्होंने आजीवन शादी न करने का बड़ा फैसला ले लिया। इतना ही नहीं उनका मानना है कि जब तक जिन्दा रहूंगी तब तक बंगाल की सेवा करूंगी क्योंकि बंगाल ही मेरा पूरा परिवार है।

बंगाल राजनीति में क्या है ममता का रोल?

ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में All India Trinamool Congress (AITC) की प्रमुख और संस्थापक चीफ हैं। वह 2011 से 2026 तक बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं। हालिया विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ता परिवर्तन और पार्टी के अंदर कुछ आपसी कलह के बावजूद वह बंगाल की राजनीति की सबसे प्रभावशाली विपक्षी धुरी बनी हुई हैं। इतना ही नहीं बंगाल चुनाव 2026 में TMC की करारी हार हुई और बीजेपी जीत कर सत्ता में आई। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1970 में कांग्रेस पार्टी से की थी। कॉलेज के दिनों से ही वो छात्र संगठन से जुड़ गई थी। वे केंद्र सरकार में रेल मंत्री (दो बार), कोयला मंत्री और मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जैसे पद भी संभाल चुकी है। कांग्रेस से खटपट के बाद 1998 में ममता बनर्जी ने अपनी अलग पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना की। आज वो एक बड़ी चेहरा बन चुकी है।

ममता बनर्जी की पर्सनल लाइफ

विकिपीडिया के मुताबिक, ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को कोलकाता के एक मिडिल फैमली में हुआ था। उनके पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनका कम उम्र में ही देहांत हो गया था। ममता बनर्जी अविवाहित हैं। वह पारंपरिक सूती (तांत) की सफेद साड़ी और हवाई चप्पल पहनती हैं। अक्सर वो अपने चप्पल के लिए काफी पॉपुलर रहती है। वे सादा जीवन जीती है और दिखावे से दूर रहती हैं। उनके पास इतिहास, शिक्षा, कानून (LLB) और इस्लामिक इतिहास में कई डिग्रियां हैं। राजनीति के साथ-साथ उन्हें पेंटिंग करने और कविताएं लिखने का बहुत शौक है। उनकी कई किताबें और पेंटिंग्स भी प्रकाशित व प्रदर्शित हो चुकी हैं।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।