अफगानिस्तान: तालिबान के कब्जे के बाद काबुल में उतरी पहली कमर्शियल फ्लाइट, यात्रियों से ज्यादा रहा स्टाफ

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अफगानिस्तान में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स (पीआईए) का एक विमान सोमवार को कुछ यात्रियों के साथ काबुल हवाई अड्डे पर लैंड हुआ।

अफगानिस्तान में तालिबान की पूर्ण सरकार अब अस्तित्व में आ गई है, ऐसे में धीरे-धीरे अब पहले की तरह ही सब ठीक हो रहा है। इसी सिलसिले में एक और बात जो काफी महत्वपूर्ण है कि अब तालिबान राज में विमान भी आने-जाने शुरू हो गए है। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स (पीआईए) का एक विमान सोमवार को कुछ यात्रियों के साथ काबुल हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। तालिबान के अफगानिस्तान पर 15 अगस्त को किए कब्जे के बाद यह पहली अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल फ्लाइट है जो काबुल पहुंची है।
हालांकि, तालिबान का खौफ इतना है कि विमान में बमुश्किल 10 यात्री ही सवार थे। जानकारी के मुताबिक, एक पत्रकार भी इस फ्लाइट में मौजूद था। पत्रकार ने बताया, ‘विमान में बहुत ही कम लोग थे…करीब 10 लोग होंगे…शायद यात्रियों से ज्यादा स्टाफ था।’ पीआईए के प्रवक्ता ने इसी सप्ताह कहा था कि एयरलाइन जल्द ही कमर्शियल सेवाएं चालू करने की इच्छुक है लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस्लामाबाद और काबुल के बीच रोजाना कितने विमान उड़ान भर पाएंगे।
बता दें कि 30 अगस्त को अमेरिकी सेना की वापसी तक काबुल एयरपोर्ट से करीब 1 लाख 20 हजार लोगों को दूसरे देशों तक ले जाया गया। इसके बाद इस एयरपोर्ट की हालत काफी खराब मानी जा रही थी। तालिबान कतर और दूसरे देशों की तकनीकी सहायता के जरिए इसे जल्द से जल्द बहाल करने के लिए मशक्कत कर रहा है।
वहीं, कतर एयरवेज ने बीते हफ्ते काबुल से कुछ चार्टर्ड विमानों का संचालन किया था। इन विमानों में अधिकांश विदेशी और अफगानी थे, जिन्हें देश से निकाला नहीं जा सका था। वहीं, एक अफगानी एयरलाइन ने 3 सितंबर को ही घरेलू उड़ानों का संचालन फिर से शुरू कर दी थीं।

Desk Team