अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर रोक लगाने के बाद कहा है कि दक्षिण एशिया में शांति बहाल करने और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करना चाहता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दक्षिण, मध्य एशियाई मामलों की प्रधान सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने कल कहा, ‘अमेरिका पाकिस्तान की इस बात से कतई सहमत नहीं है कि उसके यहां आंतकवादी संगठन की मौजूदगी नहीं है।
पाकिस्तान में हक्कानी नेटवर्क समेत अन्य आतंकवादी संगठन मौजूद हैं।’ अपनी दो दिवसीय पाकिस्तान यात्रा खत्म करने के बाद एलिस वेल्स के जारी बयान में कहा, ‘उन्होंने उच्च स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के साथ नये संबंधों की ओर कदम बढ़ने की बात कही जो क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि के पारस्परिक हितों के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की दक्षिण एशियाई नीति दोनों देशों को मिलकर काम करने का अवसर प्रदान कर रही है ताकि अफगानिस्तान में स्थिरता तथा शांति बहाल हो सके।’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नव वर्ष पर किये गये ट्वीट में ‘झूठ बोलने और धोखा देने’ के लिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की थी। इसके बाद ट्रंप प्रशासन अफगानिस्तान के आतंकवादी संगठन तालिबान और हक्कानी नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं करने के कारण पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता राशि पर रोक लगा दी थी।
बैठक में पाकिस्तान ने कहा अगर अमेरिका उसे उसकी जमीन पर आतंकवादियों की मौजदूगी की खुफिया जानकारी देगा तो वह ऐसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएगा। पाकिस्तान ने हालांकि बार-बार आतंकवादी समूहों को हक्कानी नेटवर्क को आश्रय देने से इंकार करता रहा है।
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