ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका सम्मान दर्शाता है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है, तो ईरान वार्ता करने के लिए सहमत हो सकता है, लेकिन कहा कि तेहरान जबरन वार्ता के लिए तैयार नहीं होगा।
ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने को तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा करता रहा है और साथ ही उसने अमेरिका द्वारा उस पर प्रतिबंध लगाए जाने की भी निंदा करते हुए इसे इस्लामिक गणतंत्र को नए समझौते के लिए मजबूर करने की अमेरिका की कोशिश करार दिया है।
ईरानी समाचार एजेंसी के मुताबिक, रूहानी ने कहा, “अगर दूसरा पक्ष बातचीत की मेज पर सम्मान दर्शाता है और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करता है तो हम (दूसरे पक्ष से) तर्कसंगत बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर बातचीत का आदेश जारी किया जाता तो हमें यह स्वीकार नहीं है।”


Download Android App
Download iOS App



