भारतीय मूल के अनिल सोनी को मिली बड़ी जिम्मेदारी,जानिए इनके बारे में?

Summary :

भारतीय मूल के ग्लोबल हेल्थ एक्सपर्ट अनिल सोनी विश्व स्वास्थ्य संगठन फाउंडेशन का CEO बनाया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारतीय अनिल सोनी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया में स्वास्थ्य के मोर्चे पर लड़ाई के लिए नया संगठन बनाया है, अनिल सोनी इसके पहले CEO बने हैं। 
अनिल सोनी 1 जनवरी से अपने काम को संभालेंगे। अनिल सोनी फाउंडेशन डब्लूएचओ के साथ दुनिया में स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर काम करेंगे। इस दौरान उनका मुख्य फोकस दुनिया में स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीक का इस्तेमाल और उनका आम लोगों को फायदा पहुंचाने पर ज़्यादा रहेगा। डब्ल्यूएचओ विश्व के स्वास्थ्य के लिए एक जनवरी 2021 से धन संग्रह की दिशा में एक अभियान चलाए गा। इसकी ज़िम्मेदारी अनिल सोनी को दी गई है । अनिल को वर्ष 2023 तक एक बीलियन डॉलर की रकम इकट्ठा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 
सोनी डब्ल्यूएचओ फाउंडेशन ज्वायन करने से पहले एक ग्लोबल हेल्थकेयर कंपनी वियाट्रिस में काम कर रहे थे। सोनी वियाट्रिस में विश्व संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख थे। उन्होंने कहा कि दुनिया इस वैश्विक जन स्वास्थ्य के सबसे संकट भरे दौर से गुजर रही है। कोविड-19 महामारी से कई महीने संघर्ष करने के बाद दुनिया को कुछ उम्मीदें जगी हैं। 
सोनी ने कहा कि अब दुनिया के कुछ देशों में कोविड-19 का टीकाकरण शुरू हो रहा है। ये वैक्सीन सफल भी मानी जा रही  हैं।उन्होंने कहा कि इस संकट से राहत पाने के बाद विश्व में स्वास्थ्य की रिकवरी के लिए पहलकदमी के लिए धन की जरूरत होगी। 
एक नज़र अनिल सोनी के करियर पर
वो पिछले दो दशक से भी ज्यादा वक्त से हेल्थकेयर सेक्टर में एक इनोवेटर की भूमिका निभा रहे हैं। कम और मध्यम आए वाले देशों में हेल्थकेयर को लेकर पब्लिक, प्राइवेट और नॉन प्रॉफिटेबल संस्थाओं को बढ़ाना देने में अनिल सोनी का बड़ा योगदान माना जाता है। अनिल सोनी वियाट्रिस में काम करते हुए कम लागत पर दवाई उपलब्ध कराने में उन्होंने एक अहम भूमिका निभाई थी। अनिल सोनी ने एचआईवी के साथ पैदा हुए बच्चों की दवाओं की कीमत में 75 फीसदी तक की कमी कराने में कामयाबी हासिल की थी। हाल ही में इन दवाओं को डब्ल्यूएचओ की भी मंजूरी मिल चुकी है। 
अनिल सोनी एक्सपर्ट के तौर पर भी जाने जाते हैं
अनिल सोनी को स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के लिए धनराशि इकट्ठा करने की बड़ी क्षमता रखने वाले एक्सपर्ट के तौर पर भी जाना जाता है । उन्होंने एचआईवी, टीबी औऱ मलेरिया के खिलाफ शुरुआती अभियान के लिए फंडिंग तैयार कराने में अहम भूमिका निभाई थी। अनिल सोनी कई स्वास्थ्य क्षेत्र की दिग्गज संस्थाओं से जुड़े रह चुके हैं। 

Desk Team