चीन के स्टेट काउंसिलर और विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर से कश्मीर मसला उठाने की कोशिश की लेकिन चीन ने फिलहाल इससे पीछा छुड़ना ही बेहतर समझा। इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले सोमवार को वांग के साथ हुई बैठक में फिर से कश्मीर के मौजूदा हालात पर पाकिस्तान के विचार पेश किए।
वांग ने इस मुद्दे पर चीन की राजनयिक स्थिति को दोहरा कर इस मसले से पल्ला झाड़ लिया। गौरतलब है कि भारत ने वांग की हाल में इस्लामाबाद की यात्रा के संदर्भ में जारी पाकिस्तान-चीन संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख पर मंगलवार को गहरी आपत्ति दर्ज की।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बयान में पाक के कब्जे वाले कश्मीर में चीन-पाकिस्तान आर्थिक कारिडोर के उल्लेख पर कहा कि भारत क्षेत्र की यथास्थिति को बदलने के किसी दूसरे देश की पहल का पूरे संकल्प के साथ विरोध करता है। उन्होंने कहा, “चीनी विदेश मंत्री की यात्रा के बाद चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख को हम खारिज करते हैं। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।”
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की स्विट्जरलैंड के जिनेवा में मंगलवार को होने वाली बैठक में भी भारत और पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर को लेकर भिड़ सकते हैं। पाकिस्तान विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत सरकार द्वारा पिछले पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने को मुद्दा बनाने की नाकाम कोशिश करता रहा है।


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