लंदन : ब्रिटेन ने कहा है कि वह ईरान द्वारा ब्रिटेन के टैंकर को जब्त करने के कदम से चिंतित हैं और उसने तेहरान को अवैध और अस्थिर बर्ताव वाला खतरनाक रास्ता चुनने के खिलाफ आगाह किया है। इस टैंकर के 23 सदस्यीय चालक दल में 18 भारतीय नागरिक हैं।
खाड़ी में तनाव बढ़ने के बीच हरमुज जलडमरूमध्य में ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड ने ‘स्टेना इम्पैरो’ नामक टैंकर को शुक्रवार को जब्त कर लिया। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि ईरान की मछली पकड़ने की एक नौका के साथ कथित भिड़ंत के कारण ब्रिटिश ध्वज वाहक तेल टैंकर को ईरान ने जब्त किया। इसमें कहा गया कि चालक दल के सदस्यों के हताहत होने की खबर नहीं है। इस टैंकर में रूस के पांच,लात्विया का एक और फिलीपीन का एक नागरिक सवार था।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेली हंट ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता बरकरार रखी जानी चाहिए। यह घटना ईरान के तेल सुपरटैंकर ‘ग्रेस1’ के स्पेन के तट में पकड़े जाने के बाद हुई है। हंट ने ट्वीट कर कहा,‘‘ हमारी प्रतिक्रिया सुविचारित किंतु ठोस होगी। हम ‘ग्रेस1’ के मुद्दे को हल करने का तरीका ढूंढ़ने का प्रयास कर रहे हैं,लेकिन हम अपने पोत की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।’’ उन्होंने कहा,‘‘कल खाड़ी में हुई घटना चिंताजनक संकेत दे रही है कि ईरान अवैध और अस्थिर बर्ताव के खतरनाक रास्ते पर जा रहा है। यह सीरिया जा रहे तेलटैंकर के जिब्राल्टर में कानूनी तरीके से पकड़े जाने के बाद हुआ है।’’
टैंकर का स्वामित्व रखने वाली स्वीडन की कंपनी स्टेना बल्क ने कहा कि वे हरमुज जलडमरूमध्य में जब्त किए गए जहाज से संपर्क करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि पोत के मालिक नियमों का पूरी तरह से पालन कर रहे थे। और जब उसे पकड़ा गया वह अंतरराष्ट्रीय जलसीमा में था। ब्रिटेन के दूसरे पोत ‘एमवी मेस्डार’ पर लाइबेरिया का झंडा लगा था । इस पर भी सशस्त्र गार्ड्स चढ़ गए थे लेकिन इसे बाद में रिहा कर दिया गया। हंट ने शुक्रवार को घटना के तत्काल बाद कहा था,‘‘हम सैन्य विकल्पों पर विचार नहीं कर रहे हैं। हम स्थिति से निपटने के लिए कूटनीतिक तरीके तलाश कर रहे हैं।’’


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