चीन का पहला गहरे समुद्र का फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म शुरू

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बीजिंग, 6 अगस्त (आईएएनएस)। चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉर्पोरेशन (सीएनओओसी) ने गुरुवार को घोषणा की कि चीन द्वारा पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और विकसित 16 मेगावाट क्षमता वाला पहला टेंशन लेग प्लेटफॉर्म आधारित गहरे समुद्र का फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म सफलतापूर्वक लुफंग तेल क्षेत्र के बिजली ग्रिड से जुड़ गया है। इसके साथ ही इसने हरित बिजली की आपूर्ति भी शुरू कर दी है। यह प्लेटफॉर्म 17 श्रेणी के शक्तिशाली तूफानों का सामना करने में सक्षम है। इसके परिचालन के साथ ही चीन की गहरे समुद्र में फ्लोटिंग विंड पावर तकनीक वैश्विक अग्रणी स्तर पर पहुंच गई है…

बीजिंग, 6 अगस्त (आईएएनएस)। चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉर्पोरेशन (सीएनओओसी) ने गुरुवार को घोषणा की कि चीन द्वारा पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और विकसित 16 मेगावाट क्षमता वाला पहला टेंशन लेग प्लेटफॉर्म आधारित गहरे समुद्र का फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म सफलतापूर्वक लुफंग तेल क्षेत्र के बिजली ग्रिड से जुड़ गया है।

इसके साथ ही इसने हरित बिजली की आपूर्ति भी शुरू कर दी है। यह प्लेटफॉर्म 17 श्रेणी के शक्तिशाली तूफानों का सामना करने में सक्षम है। इसके परिचालन के साथ ही चीन की गहरे समुद्र में फ्लोटिंग विंड पावर तकनीक वैश्विक अग्रणी स्तर पर पहुंच गई है और ऑफशोर पवन ऊर्जा के विकास के लिए नए रास्ते खुले हैं।

यह प्लेटफॉर्म दक्षिण चीन के पर्ल रिवर माउथ बेसिन में 136 मीटर गहरे समुद्र और तट से 136 किलोमीटर दूर स्थापित किया गया है। इसकी कुल ऊंचाई लगभग 110 मंजिला इमारत के बराबर है, जबकि इसका कुल वजन करीब 7,800 टन है। इसके रोटर का घूर्णन क्षेत्र लगभग साढ़े सात मानक फुटबॉल मैदानों के बराबर है। समुद्र के भीतर बिछाई गई केबलों के जरिए इसे लुफंग तेल क्षेत्र के बिजली ग्रिड से जोड़ा गया है। इसके संचालन से हर साल लगभग 5 करोड़ 40 लाख किलोवाट घंटे हरित बिजली का उत्पादन होने की उम्मीद है।

चीन के गहरे समुद्री क्षेत्रों में पवन ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें भविष्य में ऑफशोर पवन ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख स्रोत माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए टेंशन लेग फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जिसे खास तौर पर गहरे समुद्र में उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है। यह तकनीक काफी जटिल मानी जाती है। पारंपरिक सेमी सबमर्सिबल प्लेटफॉर्म की तुलना में टेंशन लेग प्लेटफॉर्म अधिक स्थिर है, इसमें प्रति मेगावाट कम स्टील की जरूरत होती है और यह समुद्र में कम जगह घेरता है।

इससे ऑफशोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं और समुद्र के अन्य उपयोगों के बीच टकराव कम होता है तथा समुद्री क्षेत्र का अधिक प्रभावी उपयोग संभव हो पाता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

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