ब्रिटेन में कोविड-19 के दौरान यात्रा के संबंध में जारी ‘लाल सूची’ में भारत को डाले जाने को लेकर सैंकड़ों भारतीय छात्रों और ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के परिवारों के बीच असमंजस और तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
इस सूची में डाले गए देशों से आने वाले ब्रिटिश और आइरिश नागरिकों को छोड़कर सभी लोगों के देश में प्रवेश पर पाबंदी रहेगी।
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच शुक्रवार को ब्रिटेन के स्थानीय समयानुसार तड़के चार बजे यह आदेश प्रभाव में आ गया। हालात के मद्देनजर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अगले सप्ताह होने वाली भारत की अपनी यात्रा भी रद्द कर दी है।
ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के प्रतिनिधि समूह ‘एनआईएएयू-यूके’ की अध्यक्ष सनम अरोड़ा ने कहा कि नियमों और उनके अर्थ को लेकर भारतीय समुदाय के बीच असमंजस की स्थिति है। पृथकतावास के दौरान होने वाले खर्च से लेकर छात्रों द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर चिंताएं जतायी जा रही हैं।
उन्होंने कहा, ”छात्रों को अंतिम सेमेस्टर और मई में शुरू होने जा रहे नए सत्र के लिये आना था। हमने गृह मंत्रालय को इन चिंताओं और सवालों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिये पत्र लिखा है।”


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