शांति बाधित करने और आंतरिक मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : नायडू

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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अपने पड़ोसियों समेत सभी देशों से अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन शांति को बाधित करने और भारत के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बाकू, (अजरबैजान) :  उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अपने पड़ोसियों समेत सभी देशों से अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन शांति को बाधित करने और भारत के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
नायडू ने पाकिस्तान के संदर्भ में कहा, ‘‘ विकास के लिए पहली शर्त शांति है और हम किसी को भी शांति और समृद्धि की ओर यात्रा को पटरी से उतारने की अनुमति नहीं दे सकते हैं।’’ 
पाकिस्तान पर उसके पड़ोसी आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाते हैं। 
भारत के ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (समूचा विश्व एक परिवार) विचार को रेखांकित करते उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों समेत सभी मुल्कों से अच्छे संबंध बनाना चाहता है। 
नायडू 19 वें गुट निरपेक्ष आंदोलन की शिखर बैठक में हिस्सा लेने यहां आए हुए हैं। 
उन्होंने यहां भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि शांति को बाधित करने और हमारे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
उपराष्ट्रपति ने कहा कि जम्मू कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने का मकसद राज्य के लोगों को वही लाभ देना हैं जो अन्य भारतीय नागरिकों को मिले हुए हैं। 

Shera Rajput