मेक्सिको सिटी, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रशांत महासागर में एक और तूफान को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इसने हड़कंप मचा दिया है। मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट के पास उठा तूफान ‘पोलो’ महज 24 घंटे के भीतर उष्णकटिबंधीय तूफान से कैटेगरी-5 के बेहद शक्तिशाली हरिकेन में बदल गया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसके तेजी से मजबूत होने के पीछे इस साल का असाधारण रूप से शक्तिशाली अल नीनो एक प्रमुख कारक है।
अमेरिका के नेशनल हरिकेन सेंटर (एनएचसी) के अनुसार, मंगलवार को पोलो की अधिकतम निरंतर हवाओं की रफ्तार करीब 165 मील प्रति घंटा यानी 270 किलोमीटर प्रति घंटा थी। तूफान का केंद्र मेक्सिको के जिहुआतानेजो शहर से करीब 345 किलोमीटर दक्षिण में प्रशांत महासागर में था। एनएचसी ने इसे ‘बेहद खतरनाक’ तूफान बताया है।
पोलो सोमवार को महज एक उष्णकटिबंधीय तूफान था और इसकी हवाओं की रफ्तार 74 मील प्रति घंटे से कम थी। लेकिन अगले 24 घंटों में इसकी ताकत में असाधारण वृद्धि हुई और यह कैटेगरी-5 तूफान बन गया। यह तेजी इस साल के ‘सुपर अल नीनो’ के प्रभाव से जुड़ी हुई है, जिसने प्रशांत क्षेत्र में तूफानी गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि तूफान के जमीन से टकराने की संभावना नहीं है। फिर भी, एनएचसी ने कहा है कि तूफान के केंद्र से 40 मील (65 किलोमीटर) की दूरी तक तूफान जैसी तेज हवाएं चल रही हैं और 105 मील (169 किलोमीटर) की दूरी तक ट्रॉपिकल स्टॉर्म जैसी तेज हवाएं चल रही हैं।
मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट के लिए तूफान से जुड़ी चेतावनियां जारी की गई हैं। हालांकि पोलो के सीधे तट से टकराने की संभावना कम बताई गई है, लेकिन इसके प्रभाव से मूसलाधार बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
एनएचसी के मुताबिक, ग्युरेरो और मिचोआकान के तटीय इलाकों में 3 से 6 इंच तक बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर 8 इंच तक बारिश का अनुमान है। ओआक्साका, कोलिमा और जलिस्को के तटीय हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।
तूफान के कारण समुद्र में ऊंची लहरें और जानलेवा रिप करंट बनने की भी चेतावनी दी गई है। मेक्सिको के कुछ तटीय इलाकों में प्रशासन ने स्कूल बंद करने सहित एहतियाती कदम उठाए हैं।
पोलो का तेजी से मजबूत होना ऐसे समय हुआ है जब प्रशांत महासागर में इस साल का अल नीनो असाधारण स्तर पर पहुंच गया है। गार्जियन के अनुसार, सोमवार को प्रशांत महासागर में अल नीनो से जुड़ी समुद्री सतह के तापमान में 3.05 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, जो आधुनिक रिकॉर्ड में पिछले उच्चतम स्तर के करीब या उससे ऊपर है। वैज्ञानिकों ने आने वाले महीनों में इसके और मजबूत होने का अनुमान जताया है।
अल नीनो सामान्य तौर पर प्रशांत क्षेत्र में तूफानी गतिविधियों को बढ़ावा देता है, जबकि अटलांटिक में तूफानों के बनने के लिए जरूरी परिस्थितियों को कमजोर कर सकता है। इस साल इसका असर पहले से दिखाई दे रहा है।
–आईएएनएस
केआर/
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