शराब कारोबारी विजय माल्या को प्रत्यर्पण के मामले में झटका लगा है। इंग्लैंड के हाई कोर्ट ने मल्ल्या की अर्जी लगाने की याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही माल्या को 28 दिन के अंदर भारत प्रत्यर्पण किया जा सकता है, क्योंकि इस याचिका खारिज होते ही उसके बचने के सभी रास्ते खत्म हो चुके है।
हालांकि इससे पहले भी हाई कोर्ट प्रत्यर्पण के खिलाफ माल्या की याचिका खारिज कर चुका है। माल्या ने इससे पहले ट्वीट कर सरकार से कहा कि वे 100 फीसदी बकाया कर्ज चुकाने के प्रस्ताव को स्वीकर करे और उसके खिलाफ सभी केसों को बंद कर दिया जाए।
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विजय माल्या ने ट्वीट में कहा,‘‘कोविड-19 राहत पैकेज के लिए सरकार को बधाई,सरकार जितना चाहें उतने नए नोट छाप सकती है,किंतु मेरे जैसे छोटे योगदानकर्ता की पेशकश की लगातार निरंतर अनदेखी की जा रही है जो सरकारी बैंकों का शत प्रतिशत कर्ज वापस करने को तैयार है। कृपया बिना शर्त मुझसे पैसे लीजिए और मेरे खिलाफ सारे मामले बंद कीजिए।’’
भगोड़ शराब कारोबारी माल्या की विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस भी बंद हो चुकी है। माल्या भारत प्रत्यापर्ण के खिलाफ लंदन उच्च न्यायालय में मुकदमा हार चुका है और अब इस आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में अपील की हुई है। विजय माल्या ने 31 मार्च को भी एक ट्वीट किंगफिशर एयरलाइंस के बैंकों से लिए गए कर्ज को शत प्रतिशत लौटाने की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कोरोना संकट की चुनौती के समय में अपनी गुहार पर विचार की अपील की थी।


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