यूरोपीय संघ के नेताओं ने शुक्रवार सुबह भूमध्यसागर में गैस भंडार से के उत्खनन को लेकर तुर्की के खिलाफ प्रतिबंधों के विस्तार की मंजूरी दे दी। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों यूनान और साइप्रस ने इस भंडार पर दावा जताया है। यूरोपीय संघ के नेताओं ने ब्रसेल्स में आयोजित अपने शिखर सम्मेलन में एक बयान में कहा अफसोस की बात है कि तुर्की एकतरफा कार्रवाई और उकसावे में लगा हुआ है और यूरोपीय संघ, यूरोपीय संघ के सदस्य देशों और यूरोपीय संघ के नेताओं के खिलाफ अपनी बयानबाजी तेज कर दी है।
अक्टूबर में अपने अंतिम शिखर सम्मेलन में नेताओं ने तुर्की को ‘एक सकारात्मक राजनीतिक ईयू-तुर्की एजेंडा’ की पेशकश की थी। इसमें यह कहा गया था कि अगर वह पूर्वी भूमध्य सागर में अपनी अवैध गतिविधियों को रोक देता है, तो उसे व्यापार और सीमा शुल्क में लाभ होगा और सीरियाई शरणार्थियों को प्रबंधित करने में मदद करने के लिए उसे अधिक धन दिया जा सकता है।
नेताओं ने कहा कि यदि तुर्की सच्ची साझेदारी में शामिल होने और यूरोपीय संघ के साथ एक वास्तविक बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है और अगर अंकारा संवाद के माध्यम से और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समस्याओं को सुलझाने की इच्छा दिखाता है, तो यह प्रस्ताव अभी भी उसके लिए मौजूद है। अब तक तुर्की की ओर से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसे देखते हुए इन नेताओं ने पूर्वी भूमध्य सागर में तुर्की की अनधिकृत उत्खनन गतिविधियों के मद्देनजर प्रतिबंधात्मक उपायों के तहत उस पर और प्रतिबंध लगाने के लिए 27 देशों के इस संघ के मंत्रियों को आमंत्रित किया है।


Download Android App
Download iOS App



