भूटान की संसद ने मौजूदा कानून में संशोधन कर समलैंगिकों के बीच यौन संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर निकालने के लिए मतदान किया है। मौजूदा कानून में ऐसे संबंधों को ”अप्राकृतिक यौन संबंध” कहा जाता है। बृहस्पतिवार को इस संशोधन को मतदान के बाद मंजूरी दे दी गई। कुल 69 में से 63 सांसदों ने संशोधन के पक्ष में मतदान किया। छह सांसदों ने मतदान में भाग नहीं लिया।
आपराधिक संहिता के दो अनुच्छेदों में संशोधन कर स्पष्ट कर दिया गया है कि ”व्यस्क समलैंगिकों के बीच यौन संबंधों को अप्राकृतिक नहीं माना जाएगा।” अप्राकृतिक यौन संबंधों के लिये एक साल की जेल का प्रावधान था। कानून में संशोधन के लिये काम करने वाले भूटान के एक कार्यकर्ता तशी शेतेन ने कहा, ”मैं कल से अपनी खुशी नहीं छिपा पा रहा हूं। मैं संसद की मंजूरी का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।”
उन्होंने कहा कि इस संशोधन का अर्थ है कि भूटान का एलजीबीटीआईक्यू समुदाय लंबे समय तक लांछन और भेदभाव झेलने के बाद बेहतर और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकेगा। कार्यकर्ताओं के समूह ‘आउटराइट एक्शन इंटरनेशनल’ की कार्यकारी निदेशक जेसिका स्टर्न ने एक बयान में कहा कि भूटान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्टर्न ने कहा, ”लंबे समय तक एलजीबीटीआईक्यू लोगों के मानवाधिकारों के मान्यता नहीं दी गई। आज भूटान ने अलग इबारत लिखी है और अपना अलग भविष्य तय किया है।”


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