यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति के प्रमुख जोसफ बॉरेल ने सोमवार को कहा कि म्यांमार में हुए सैन्य तख्तापलट तथा इसका विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हिंसक बल प्रयोग में संलिप्तता के आरोपी म्यांमार के 11 अधिकारियों पर ईयू प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करने से पहले बॉरेल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तख्तापलट और प्रदर्शनकारियों के दमन के जिम्मेदार 11 लोगों पर हम प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं।’’
म्यांमार की सेना जुंटा ने एक फरवरी को संसद के सत्र की शुरुआत से पहले तख्तापलट कर दिया था। सेना ने दावा किया था कि नवंबर में हुए चुनाव में धोखाधड़ी हुई थी। उक्त चुनाव में आंग सान सू की पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की थी। जीत की पुष्टि करने वाले चुनाव आयोग को भी जुंटा ने हटा दिया है। म्यांमार में पांच दशक के सैन्य शासन के बाद लोकतंत्र की दिशा में जो थोड़ी बहुत प्रगति हुई थी, तख्तापलट के कारण उसे बहुत बड़ा झटका लगा।
तख्तापलट के विरोध में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और जुंटा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बर कार्रवाई कर रहा है। यहां के हालात की जानकारी बाहरी दुनिया तक न पहुंच सके, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इंटरनेट तक पहुंच को अत्यंत सीमित कर दिया गया है, निजी प्रकाशकों के अखबारों के प्रकाशन को रोक दिया गया है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।


Download Android App
Download iOS App


