भारत और अमेरिका के रिश्ते तभी नजर आते हैं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM MODI )अमेरिका के राजकीय दौरे पर गए और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाईडेन (JOE BIDEN) भारत में G-20 सम्मेलन के अंदर मौजूद हुए साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की । दोनों की दोस्ती इतनी बढ़ चुकी है कि अब विश्व के कई देश से जलते भी लगे हैं जिसमें एक नाम तो वह चीन का भी शामिल है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर यूएस और भारत के रिश्ते को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए नजर आए। जी हां विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका और भारत के संबंधों को लेकर कहा की उनके रिश्ते के बीच कोई सीमा नहीं है उन्होंने कहा की नई दिल्ली और वाशिंगटन एक दूसरे को वांछनीय इष्टतम आरामदायक साझेदार के रूप में देखा है।
भारत-अमेरिका के रिश्ते को लेकर सवालों का जवाब देते हुए नज़र आये विदेश मंत्री
आजकल विदेश मंत्री एस जयशंकर (S JAYSHANKAR) वॉशिंगटन डीसी में इंडिया हाउस में”कलर ऑफ फ्रेंडशिप” कार्यक्रम में भारतीय प्रवासी लोगों को संबोधित कर रहे हैं जयशंकर के सम्मान में सैकड़ो प्रवासी सदस्य अमेरिका से भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू (TARANJEET SINGH SANDHU ) के आधिकारिक आवास के लोन में एकत्रित हुए। जहां स्थानीय कलाकारों ने प्रदर्शन किया इस कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि मुझे अक्सर पूछा जाता है कि आपको क्या लगता है यह रिश्ता यानी कि भारत और अमेरिका का रिश्ता कहा जा रहा है अब मेरे लिए आज वास्तव में पर कोई सीमा लगाना इसे परिभाषित करना यहां तक की आवाज उठाना भी कठिन है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हम नए डोमेन ढूंढते रहते हैं जितना अधिक हम एक दूसरे के साथ करते हैं उतना ही अधिक हम पाते हैं कि हम एक साथ काम करने एक साथ खोज करने और एक साथ हासिल करने में सक्षम है और उन्हें कहा कि रसायन विज्ञान और आराम पर जोर देते हुए भारत और अमेरिका वांछनीय, इष्टतम और आरामदायक साझेदारी के रूप में एक दूसरे के सामने मौजूद है।


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