Bangladesh में एक साल बाद फिर फैली हिंसा, पूर्व आर्मी चीफ हारुन की हुई मौत

Summary :

Bangladesh में एक बार फिर हिंसा के बादल छा गए हैं.  पूर्व पीएम शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के एक साल बीत जाने के बाद  हाल ही में पूर्व सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) एम. हारुन-अर-रशीद की रहस्यमयी मौत ने सभी को चौंका दिया है। उनका शव चटगांव क्लब के एक कमरे से बरामद हुआ, जिससे मामले ने और भी सनसनीखेज रूप ले लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोतवाली थाना के प्रभारी अधिकारी अब्दुल करीम ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर…

Bangladesh में एक बार फिर हिंसा के बादल छा गए हैं.  पूर्व पीएम शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के एक साल बीत जाने के बाद  हाल ही में पूर्व सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) एम. हारुन-अर-रशीद की रहस्यमयी मौत ने सभी को चौंका दिया है। उनका शव चटगांव क्लब के एक कमरे से बरामद हुआ, जिससे मामले ने और भी सनसनीखेज रूप ले लिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोतवाली थाना के प्रभारी अधिकारी अब्दुल करीम ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के अधिकारी भी वहां पहुंचे।

किसने की मौत की पुष्टि ?

रिपोर्ट के अनुसार, 77 वर्षीय पूर्व सेना प्रमुख एम. हारुन-अर-रशीद रविवार को एक अदालती सुनवाई के लिए Bangladesh की राजधानी ढाका से चटगांव पहुंचे थे। जब वे तय समय पर कोर्ट नहीं पहुंचे और न ही किसी का फोन उठाया, तो क्लब के कर्मचारियों ने उनके कमरे की जांच की। वहां उन्हें मृत अवस्था में पाया गया। फिलहाल, उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। हालांकि, पुलिस और परिवार को शक है कि यह मौत ब्रेन हैमरेज (मस्तिष्क में रक्तस्राव) के कारण हुई हो सकती है।

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कौन थे एम. हारुन-अर-रशीद?

रिपोर्ट के अनुसार, हारुन-अर-रशीद ने साल  2000 से 16 जून 2002 तक Bangladesh  सेना के प्रमुख के रूप में कार्य किया था। उनका जन्म 1948 में हुआ था और वे चटगांव के हथजारी क्षेत्र से ताल्लुक रखते थे। बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए उन्हें “बीर प्रतिक” सम्मान से नवाजा गया था।

किस केस के लिए आए थे चटगांव?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हारुन-अर-रशीद ‘डेस्टिनी ग्रुप’ नामक कंपनी से जुड़े एक घोटाले के मामले में अदालत में पेशी के लिए चटगांव आए थे। वह इस कंपनी के चेयरमैन भी थे। इसी केस की सुनवाई में शामिल होने के लिए वे चटगांव पहुंचे थे।

शव को भेजा गया सेना अस्पताल

उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम मौत के सही कारणों की जांच करेगी।

 

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।