खुफिया जानकारी और उन्नत निगरानी का कमाल : सीआईए ने ऐसे लगाया ईरान में फंसे पायलट का पता

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वाशिंगटन, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) ने ईरान के अंदर फंसे एक अमेरिकी पायलट का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे समय के खिलाफ रेस बताया है। सीआईए के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि यह मिशन मानव इंटेलिजेंस और एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स, दोनों पर निर्भर था। उन्होंने कहा, “हमने मानव एसेट्स और बेहतरीन तकनीक, दोनों का इस्तेमाल किया, जो दुनिया की किसी दूसरी इंटेलिजेंस सर्विस के पास नहीं है।” उन्होंने इस कोशिश को “रेगिस्तान के बीच में रेत के एक कण ढूंढ़ने जैसा” बताया। लापता हुए पायलट ने खतरनाक इलाके में इजेक्ट…

वाशिंगटन, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) ने ईरान के अंदर फंसे एक अमेरिकी पायलट का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे समय के खिलाफ रेस बताया है।

सीआईए के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि यह मिशन मानव इंटेलिजेंस और एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स, दोनों पर निर्भर था। उन्होंने कहा, “हमने मानव एसेट्स और बेहतरीन तकनीक, दोनों का इस्तेमाल किया, जो दुनिया की किसी दूसरी इंटेलिजेंस सर्विस के पास नहीं है।”

उन्होंने इस कोशिश को “रेगिस्तान के बीच में रेत के एक कण ढूंढ़ने जैसा” बताया।

लापता हुए पायलट ने खतरनाक इलाके में इजेक्ट किया था और ईरानी सेना से बचते हुए लगभग दो दिनों तक छिपा रहा। रैटक्लिफ ने कहा कि पकड़े जाने से बचने के लिए तेजी और गोपनीयता जरूरी थी।

उन्होंने कहा, “यह बहुत जरूरी था कि हम पायलट का जल्द से जल्द पता लगा लें और साथ ही अपने दुश्मनों को गुमराह भी करते रहें।”

ऐसा करने के लिए, सीआईए ने “ईरानियों को गुमराह करने के लिए एक धोखा देने वाला कैंपेन चलाया, जो हमारे पायलट का बेसब्री से तलाश कर रहे थे।”

रैटक्लिफ ने कहा कि शनिवार सुबह कामयाबी तब मिली जब इंटेलिजेंस एजेंसियों ने पुष्टि किया पायलट जिंदा है और पहाड़ी इलाके में छिपा हुआ है।

उन्होंने कहा, “हमने अमेरिका के सबसे अच्छे और बहादुर लोगों में से एक को ढूंढकर और यह पुष्टि करके अपना पहला मकसद हासिल कर लिया।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने और जानकारी देते हुए कहा कि इंटेलिजेंस टीमों ने काफी दूर से गतिविधि को ट्रैक किया। उन्होंने कहा, “हम पहाड़ पर कुछ हिलते हुए देख रहे हैं, 40 मील दूर। लगातार देखने के बाद, उन्होंने कहा कि वह हमारे पास है।”

सीआई की पुष्टि से सेना को दूसरा, बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने में मदद मिली, जिसमें काफी फोर्स शामिल थी।

अधिकारियों ने कहा कि इस मिशन ने इंटेलिजेंस और सैन्य क्षमताओं के इंटीग्रेशन को दिखाया, जिसमें रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन से सटीक टारगेटिंग और तेजी से रिस्पॉन्स मुमकिन हुआ।

रैटक्लिफ ने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन के कई पहलू अभी भी गोपनीय हैं। मिशन की सफलता इंटेलिजेंस एजेंसियों और मुश्किल हालात में काम कर रही मिलिट्री यूनिट्स के बीच तालमेल को भी दिखाती है।

यह ऑपरेशन ईरान में अमेरिका की बड़ी मिलिट्री कार्रवाई के बीच हुआ है, जहां अधिकारियों का कहना है कि हाल के हफ्तों में हजारों उड़ानें भरी गई हैं।

–आईएएनएस

केके/एएस

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