ब्रिक्स समिट से पहले एनडीएमसी ने बढ़ाई सफाई व्यवस्था, 300 कर्मचारी और 10 रोड स्वीपर मशीनें तैनात

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नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारत मंडपम में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने अपने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान तेज कर दिया है। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि परिषद ने रात में सफाई, अतिरिक्त मशीनीकृत उपकरणों की तैनाती और विभिन्न शिफ्टों में अतिरिक्त सफाईकर्मियों की व्यवस्था सहित कई विशेष कदम उठाए हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और आगंतुकों के आने की संभावना को देखते हुए एनडीएमसी ने स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की बेहतर प्रस्तुति को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। एक…

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारत मंडपम में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने अपने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान तेज कर दिया है। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि परिषद ने रात में सफाई, अतिरिक्त मशीनीकृत उपकरणों की तैनाती और विभिन्न शिफ्टों में अतिरिक्त सफाईकर्मियों की व्यवस्था सहित कई विशेष कदम उठाए हैं।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और आगंतुकों के आने की संभावना को देखते हुए एनडीएमसी ने स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की बेहतर प्रस्तुति को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रमुख सड़कों और बाजारों में विशेष स्वच्छता टीमें तैनात की जा रही हैं।

बयान में कहा गया है कि एनडीएमसी की यह विशेष स्वच्छता व्यवस्था 4 सितंबर से लागू हो गई है। इसके तहत रात के समय लगभग 300 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। साथ ही 10 मैकेनिकल रोड स्वीपर (एमआरएस) भी लगाए गए हैं।

बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य रात के दौरान ही सड़क सफाई और कचरा उठाने का अधिकांश कार्य पूरा करना है, ताकि सुबह के व्यस्त समय से पहले प्रमुख सड़कें और सार्वजनिक स्थान पूरी तरह साफ-सुथरे रहें।

बयान में कहा गया है कि इस कदम का मकसद रात में ही ज्‍यादातर सफाई और कचरा उठाने का काम पूरा कर लेना है, ताकि सुबह की भीड़-भाड़ से पहले मुख्य सड़कें और सार्वजनिक जगहें साफ हो जाएं।

नाइट शिफ्ट के दौरान सफाई टीमें झाड़ू लगाने, जमा हुए और बिखरे हुए कचरे को उठाने और कूड़ेदान व ट्रॉली खाली करने का काम करती हैं।

इसके बाद सुबह-सुबह जेट क्लीनिंग का काम किया जाता है और मॉर्निंग शिफ्ट में बाकी बचे काम और सफाई से जुड़ी किसी भी नई जरूरत को पूरा किया जाता है।

इसमें कहा गया, “एनडीएमसी ने मुख्य बाजारों में भी सफाई के इंतजाम मजबूत किए हैं, जहां दिन में तीन बार – सुबह, शाम और रात की शिफ्ट में सफाई की जा रही है। मुख्य सड़कों और अन्य महत्वपूर्ण रास्तों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।”

एनडीएमसी के बयान में कहा गया, “तैयारी की योजना के तहत मशीनों से सफाई पर ज्‍यादा जोर दिया गया है। रात में तैनात 10 एमआरएस के अलावा दिन के समय अहम जगहों पर बिखरे हुए कचरे और कूड़े को इकट्ठा करने के लिए 15 ‘गॉबलर’ मशीनें तैनात की जा रही हैं।”

इसके अलावा, सफाई के बढ़े हुए इंतज़ामों के तहत एनडीएमसी इलाके में सड़कों, फुटपाथों, बाजार के इलाकों और अन्य सार्वजनिक जगहों की गहरी सफाई (डीप क्लीनिंग) के लिए 11 प्रेशर-जेटिंग मशीनें तैनात की गई हैं।

बयान में कहा गया है कि मशीनों से होने वाले काम के साथ-साथ हाथ से सफाई करने वाले कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है, खासकर बाजार के इलाकों, पैदल चलने वालों के रास्तों और ऐसी जगहों पर जहां हाथ से सफाई की ज्‍यादा जरूरत होती है। एनडीएमसी ने सार्वजनिक जगहों पर कचरा जमा होने से रोकने के लिए बड़े बाजारों और ज्‍यादा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में घर-घर जाकर कचरा उठाने का काम तेज कर दिया है। इकट्ठा किए गए कचरे को समय पर हटाने के लिए ट्रॉली से कचरा उठाने का काम तीन शिफ्ट में किया जा रहा है।

सफाई कर्मचारियों को तीन शिफ्ट में बांटा गया है; रात की शिफ्ट में लगभग 300 कर्मचारी, शाम की शिफ्ट में लगभग 120 और बाकी कर्मचारी सुबह की शिफ्ट में तैनात किए गए हैं।

एनडीएमसी ने अपनी सुपरवाइजरी और फील्ड टीम को भी 24 घंटे तैयार रहने के लिए कहा है। सुपरवाइजरी स्टाफ, अधिकारियों और पालिका सहायकों को 24×7 और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पर्याप्त स्टाफ सुनिश्चित करने के लिए जहां जरूरी हो, छुट्टियां रद्द या सीमित कर दी गई हैं।

इन इंतजामों का मकसद कचरा फेंकने, कचरा जमा होने या सफाई से जुड़ी किसी भी दूसरी जरूरत के मामले में तुरंत कार्रवाई करना है, खासकर उन इलाकों में जहां पैदल चलने वालों और गाड़ियों की आवाजाही ज्‍यादा होती है।

अधिकारियों ने कहा कि उनका जोर पूरे दिन सफाई के स्टैंडर्ड बनाए रखने पर है, न कि सफाई का काम सिर्फ पारंपरिक सुबह की शिफ्ट तक सीमित रखने पर। रात में तैनाती के साथ-साथ मशीनों से सफाई, सुबह-सुबह जेट क्लीनिंग और बेहतर तरीके से हाथ से सफाई करने से सफाई टीमों को ज्‍यादा भीड़-भाड़ वाले इलाकों की बदलती जरूरतों पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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IANS Agency

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