डेमोक्रेटिक नेताओं ने दी ईरान में बढ़े पैमाने पर युद्ध बढ़ने की चेतावनी

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वाशिंगटन, 13 मई (आईएएनएस)। अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सीनेटरों ने चेतावनी दी है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिका को मध्य पूर्व में एक और लंबे युद्ध की तरफ धकेल सकता है। ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध को लेकर अमेरिकी सीनेट में हुई एक अहम सुनवाई के दौरान नेताओं के बीच गहरे मतभेद सामने आए। इस दौरान युद्ध की बढ़ती आर्थिक और सैन्य लागत पर भी चिंता जताई गई। यह बहस उस समय हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट प्रस्ताव पर सीनेट की रक्षा संबंधी उपसमिति में चर्चा चल रही थी। कई…

वाशिंगटन, 13 मई (आईएएनएस)। अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सीनेटरों ने चेतावनी दी है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिका को मध्य पूर्व में एक और लंबे युद्ध की तरफ धकेल सकता है। ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध को लेकर अमेरिकी सीनेट में हुई एक अहम सुनवाई के दौरान नेताओं के बीच गहरे मतभेद सामने आए। इस दौरान युद्ध की बढ़ती आर्थिक और सैन्य लागत पर भी चिंता जताई गई।

यह बहस उस समय हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट प्रस्ताव पर सीनेट की रक्षा संबंधी उपसमिति में चर्चा चल रही थी। कई डेमोक्रेट सीनेटर्स ने मौजूदा हालात की तुलना अमेरिका के पुराने इराक और अफगानिस्तान युद्धों से की। उनका कहना था कि सरकार के पास इस संघर्ष को खत्म करने की कोई स्पष्ट और लंबी रणनीति दिखाई नहीं दे रही है।

सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि प्रशासन किसी व्यापक राजनीतिक योजना के बिना, युद्ध के मैदान में मिलने वाली छोटी-मोटी जीतों पर ही केंद्रित लग रहा है। कून्स ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में पहले एक आम सहमति हुआ करती थी कि अमेरिका को युद्ध में तभी उतरना चाहिए जब हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई खतरा हो, जब बाकी सभी विकल्प खत्म हो चुके हों, और जब हमारे पास स्पष्ट उद्देश्य और यह योजना हो कि युद्ध का अंत कैसे होगा।”

कून्स ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से बार-बार यह सवाल किया कि प्रशासन अब तक होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह सुरक्षित क्यों नहीं बना पाया। इस समुद्री रास्ते पर ईरान के दबाव की वजह से दुनियाभर में तेल और ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को कुछ सैन्य सफलताएं जरूर मिली हैं, लेकिन रणनीतिक स्तर पर अमेरिका को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सीनेटर क्रिस्टोफर मर्फी ने भी सवाल उठाया कि क्या प्रशासन ईरान की, लंबे समय तक आर्थिक और सैन्य दबाव झेलने की क्षमता को कम करके आंक रहा है। मर्फी ने कहा, “यह एक बहुत जोखिम भरी रणनीति है।” उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान तो शायद वर्षों तक प्रतिबंधों और सैन्य दबाव को झेल जाए, लेकिन अमेरिकी परिवारों को ईंधन की आसमान छूती कीमतों के कारण भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

मर्फी ने तर्क दिया कि “इस मामले में समय हमारे पक्ष में नहीं है,” क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतें पहले से ही अमेरिकी किसानों और आम परिवारों को नुकसान पहुंचा रही हैं।

सीनेटर पैटी मरे ने रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घरेलू जरूरतों से ज्यादा युद्ध पर पैसा खर्च कर रही है। मरे ने कहा, “आप परिवारों की गाढ़ी कमाई से दिए गए टैक्स के पैसों को एक ऐसे युद्ध पर खर्च कर रहे हैं जिसका बहुत से लोग पुरजोर विरोध करते हैं। आप अगले साल के लिए युद्ध के बजट में आधा ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी करना चाहते हैं।”

डेमोक्रेट नेताओं ने यह सवाल भी उठाया कि क्या ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए सरकार के पास कानूनी अधिकार हैं या नहीं। उनका कहना था कि इतने बड़े संघर्ष के लिए कांग्रेस की औपचारिक मंजूरी जरूरी होनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान रक्षा मंत्री हेगसेथ ने ट्रंप प्रशासन का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने वह हासिल किया है जो पिछली सरकारें नहीं कर सकीं। उनका कहना था कि अमेरिका के पास पहले से ज्यादा दबाव बनाने की ताकत है और यह अभियान ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जरूरी है।

पेंटागन अधिकारियों के मुताबिक अब तक ईरान संघर्ष पर करीब 29 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं। सीनटरों ने चेतावनी दी कि अगर सैन्य अभियान लंबे समय तक जारी रहा और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को और नुकसान हुआ, तो यह खर्च और तेजी से बढ़ सकता है।

पूरी बहस से यह साफ दिखाई दिया कि वॉशिंगटन में इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि ईरान के साथ यह टकराव आगे चलकर एक बड़े और लंबे युद्ध में बदल सकता है। ठीक ऐसे समय में अमेरिका पहले ही चीन, रूस और यूक्रेन से जुड़े मामलों में संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।

–आईएएनएस

एएस/

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