जबरन श्रम से आयात पर प्रतिबंध: अमेरिका ने भारत समेत 60 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का रखा प्रस्ताव

Summary :

वॉशिंगटन, 3 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत भारत सहित 60 देशों और अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम उन आरोपों के आधार पर उठाया गया है कि इन देशों में जबरन श्रम (फोर्स्ड लेबर) से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। वॉशिंगटन, 3 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत भारत सहित 60 देशों और अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने का…

वॉशिंगटन, 3 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत भारत सहित 60 देशों और अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम उन आरोपों के आधार पर उठाया गया है कि इन देशों में जबरन श्रम (फोर्स्ड लेबर) से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

वॉशिंगटन, 3 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत भारत सहित 60 देशों और अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम उन आरोपों के आधार पर उठाया गया है कि इन देशों में जबरन श्रम (फोर्स्ड लेबर) से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

यूएसटीआर ने अपने बयान में कहा कि 60 देशों और अर्थव्यवस्थाओं ने जबरन श्रम से तैयार किए गए सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफलता दिखाई है।

बयान में कहा गया कि 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत यह पाया गया है कि इन देशों की नीतियां और व्यवहार अमेरिकी व्यापार पर अनुचित बोझ डालते हैं और उसे सीमित करते हैं। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमीसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों द्वारा जबरन श्रम से बने सामानों के आयात को रोकने में विफल रहना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि इससे ऐसी स्थिति बनती है, जहां अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

ग्रीर ने कहा, “हम अब इस असमानता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। कुछ व्यापारिक साझेदार देशों ने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए शुरुआती कदम उठाए हैं, जिनमें यूएसएमसीए और पारस्परिक व्यापार समझौतों के तहत की गईं प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। हालांकि, हमारे सभी व्यापारिक साझेदारों को यह सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे कि वैश्विक व्यापार किसी भी तरह से जबरन श्रम को बढ़ावा न दे।”

यूएसटीआर के प्रस्ताव के अनुसार, जिन देशों ने जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाया है, या ऐसा प्रतिबंध लागू करने का वादा किया है, अथवा आंशिक व्यवस्था लागू की है जिससे ऐसे कुछ उत्पादों का आयात रोका जा सके, उन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है।

वहीं, अन्य सभी देशों और अर्थव्यवस्थाओं पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। भारत भी इसी श्रेणी में शामिल है।

बयान में कहा गया है कि यूएसटीआर ने एक विशेष टेक्सटाइल तंत्र (टेक्सटाइल मैकेनिज्म) का भी प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत कुछ देशों से आने वाले कपड़ा और परिधान उत्पादों की एक निर्धारित मात्रा को कम धारा-301 टैरिफ दर पर अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है।

यूएसटीआर ने कहा है कि प्रस्तावित कदमों पर 7 जुलाई 2026 को सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाएगी। इसके बाद प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

–आईएएनएस

डीबीपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.