पी. कुमारन और प्राक सोखोन की मुलाकात, भारत और कंबोडिया के बीच सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

Summary :

नोम पेन्ह, 23 मार्च (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के सचिव (ईस्ट), पी. कुमारन, ने सोमवार को कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और विदेश मामलों तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री, प्राक सोखोन, से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट कर कहा, “सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और विदेश और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री प्राक सोखोन से मुलाकात की। चर्चा भारत और कंबोडिया के बीच बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने पर…

नोम पेन्ह, 23 मार्च (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के सचिव (ईस्ट), पी. कुमारन, ने सोमवार को कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और विदेश मामलों तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री, प्राक सोखोन, से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट कर कहा, “सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और विदेश और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री प्राक सोखोन से मुलाकात की। चर्चा भारत और कंबोडिया के बीच बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने पर केंद्रित रही।”

उन्होंने कंबोडिया की संस्कृति और ललित कला मंत्री फोएर्नग साकोना से भी मुलाकात की, जिसमें विरासत संरक्षण परियोजनाओं और सांस्कृतिक सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर चर्चा हुई।

कुमारन ने रविवार को कंबोडिया के सिएम रीप में स्थित ता प्रोहम मंदिर और अंकोर वाट मंदिर का दौरा किया।

जायसवाल ने कहा, “सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने सिएम रीप, कंबोडिया में ता प्रोहम मंदिर का दौरा किया, जहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) संरक्षण और पुनर्स्थापन कार्यों का नेतृत्व कर रहा है। इसके दो चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं, जबकि तीसरा चरण वर्तमान में जारी है।”

अंकोर वाट मंदिर कंबोडिया का विश्व का सबसे बड़ा प्राचीन मंदिर परिसर है और यह भारत-कंबोडिया की साझा सभ्यतागत विरासत का प्रतीक है।

रणधीर जायसवाल ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने सिएम रीप में स्थित अंकोर वाट मंदिर का दौरा किया, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राचीन मंदिर परिसर है और भारत-कंबोडिया की साझा सभ्यतागत विरासत का एक शानदार प्रतीक है। 1986 से 1993 के बीच भारत इस मंदिर के पुनर्स्थापन में सहायता देने वाला पहला देश था।”

कुमारन ने शनिवार को सिएम रीप में मेकांग-गंगा सहयोग एशियाई पारंपरिक वस्त्र संग्रहालय का भी दौरा किया।

जायसवाल ने कहा, “यह देश का अपनी तरह का पहला संग्रहालय है, जो मेकांग-गंगा क्षेत्र की समृद्ध वस्त्र परंपराओं को प्रदर्शित करता है और साझा सांस्कृतिक विरासत को उजागर करता है।”

पिछले सप्ताह कुमारन ने कंबोडिया के विदेश और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय के राज्य सचिव खी सोवनरतना के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की और व्यापार और निवेश, विरासत संरक्षण तथा विकास साझेदारी में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

बैठक के बाद जायसवाल ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट क‍िया, “सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने कंबोडियाई प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसका नेतृत्व राज्य सचिव खी सोवनरतना कर रहे थे। उन्होंने कंबोडिया के लिए भारत की क्षमता निर्माण पहलों की समीक्षा की, जिसमें विदेश मंत्रालय के सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान (एसएसआईएफएस) में कंबोडियाई राजनयिकों का प्रशिक्षण शामिल है। उन्होंने व्यापार और निवेश, विरासत संरक्षण और विकास साझेदारी में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।”

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.