मनीला, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन और फिलीपींस के विदेश विभाग की नीति के अवर सचिव लियो एम हेरेरा-लिम ने मनीला में आसियान और भारत के वरिष्ठ अधिकारियों की 28वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की।
मीटिंग के दौरान हिस्सा लेने वालों ने अक्टूबर 2025 में हुए आसियान-भारत समिट के फैसलों को लागू करने में हुई प्रक्रिया की समीक्षा की और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “मीटिंग में अक्टूबर 2025 में हुए आसियान-भारत समिट के फैसलों को लागू करने में हुई प्रक्रिया की समीक्षा की गई और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। हम साल 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के तौर पर मना रहे हैं।”
फिलीपींस में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया कि बुधवार को पेरियासामी कुमारन ने मनीला में जाने-माने थिंक टैंक, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और कई द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर उपयोगी विचारों का आदान-प्रदान किया।
पेरियासामी कुमारन ने बुधवार को मनीला में फिलीपींस की विदेश मामलों की सचिव मारिया थेरेसा पी. लाजारो के साथ भी मीटिंग की। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और फिलीपींस के बीच रणनीतिक साझेदारी की प्रक्रिया और आसियान के लिए भारत के समर्थन को लेकर चर्चा की।
एक्स पर एक पोस्ट में, लाजारो ने कहा, “फिलीपींस-भारत रणनीतिक साझेदारी की प्रक्रिया के साथ-साथ आसियान के लिए भारत के एक्टिव सपोर्ट पर हमारी छोटी, लेकिन फायदेमंद बातचीत हुई।”
इस बीच, मनीला में हुई आसियान वरिष्ठ अधिकारियों की मीटिंग (एसओएम) में फिलीपींस की चेयरशिप की प्राथमिकताओं और आसियान समुदाय के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए तय लक्ष्यों और योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके साथ ही, आसियान के बाहरी संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर मंथन हुआ और मई 2026 में होने वाले 48वें आसियान शिखर सम्मेलन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
आसियान के बयान के मुताबिक, इस मीटिंग में प्लेनरी और रिट्रीट सत्र शामिल थे। इसमें आसियान के सदस्य देशों के एसओएम नेताओं या उनके प्रतिनिधियों और आसियान राजनीतिक-सुरक्षा समुदाय के लिए आसियान के उप महासचिव शामिल हुए।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, आसियान की स्थापना 1967 में थाईलैंड में हुई थी, जब आसियान के फाउंडिंग फादर्स: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड ने आसियान डिक्लेरेशन (बैंकॉक डिक्लेरेशन) पर हस्ताक्षर किए थे। ब्रुनेई दारुस्सलाम जनवरी 1984 में आसियान में शामिल हुआ, उसके बाद जुलाई 1995 में वियतनाम, जुलाई 1997 में लाओस और म्यांमार, अप्रैल 1999 में कंबोडिया, और अक्टूबर 2025 में तिमोर-लेस्ते शामिल हुए, जिससे आज आसियान के 11 सदस्य देश बन गए हैं।
–आईएएनएस
केके/एबीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



