अमेरिकी जनगणना रिपोर्ट: भारतीय मूल के अमेरिकियों की संख्या 5.4 मिलियन के पार

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वाशिंगटन, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो द्वारा जारी ‘अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे’ (एसीएस) के नए 1-वर्षीय अनुमानों के अनुसार, 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका में खुद को केवल भारतीय अमेरिकी मानने वाले लोगों की संख्या बढ़कर लगभग 54.1 लाख (5.41 मिलियन) हो गई है। ब्यूरो की एशियाई समूहों से जुड़ी विस्तृत तालिका के अनुसार, यह आंकड़ा 2024 के लगभग 50.9 लाख (5.09 मिलियन) से बढ़कर 2025 में 54.1 लाख (5.41 मिलियन) हो गया है, जो एक साल में 3,15,000 से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। 2025 के इस अनुमान में लगभग 77,000 का मार्जिन ऑफ एरर (त्रुटि की गुंजाइश)…

वाशिंगटन, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो द्वारा जारी ‘अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे’ (एसीएस) के नए 1-वर्षीय अनुमानों के अनुसार, 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका में खुद को केवल भारतीय अमेरिकी मानने वाले लोगों की संख्या बढ़कर लगभग 54.1 लाख (5.41 मिलियन) हो गई है।

ब्यूरो की एशियाई समूहों से जुड़ी विस्तृत तालिका के अनुसार, यह आंकड़ा 2024 के लगभग 50.9 लाख (5.09 मिलियन) से बढ़कर 2025 में 54.1 लाख (5.41 मिलियन) हो गया है, जो एक साल में 3,15,000 से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। 2025 के इस अनुमान में लगभग 77,000 का मार्जिन ऑफ एरर (त्रुटि की गुंजाइश) भी शामिल है।

यदि उन लोगों को भी शामिल किया जाए जिन्होंने खुद को एशियाई भारतीय बताया है- चाहे वे केवल भारतीय हों या किसी अन्य समूह या नस्ल से जुड़े हों, तो यह कुल संख्या बढ़कर लगभग 59.1 लाख (5.91 मिलियन) हो जाती है, जो एक साल पहले लगभग 55.6 लाख (5.56 मिलियन) थी।

इस तरह, एशियाई भारतीय सबसे बड़ा एकल एशियाई समूह बन गए हैं। इस मामले में वे चीनी (ताइवानी को छोड़कर) लोगों से आगे हैं, जिनकी संख्या लगभग 46.5 लाख (4.65 मिलियन) है। यदि अन्य समूहों के साथ उनके जुड़ाव को भी शामिल कर लिया जाए, तो चीनी (ताइवानी को छोड़कर) लोगों की संख्या लगभग 59.7 लाख (5.97 मिलियन) हो जाती है, जो एशियाई भारतीयों की कुल संख्या के लगभग बराबर है। सर्वे के अनुसार, 2025 में अमेरिका की कुल जनसंख्या लगभग 34.18 करोड़ (341.8 मिलियन) थी।

सर्वे से यह भी पता चला है कि अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों के जन्मस्थान के मामले में, मेक्सिको के बाद भारत दूसरे स्थान पर है। 2025 में अमेरिका में रहने वाले लगभग 34 लाख (3.40 मिलियन) लोग भारत में जन्मे थे, जबकि 2024 में यह संख्या लगभग 31.6 लाख (3.16 मिलियन) थी।

मेक्सिको में जन्मे लोगों की संख्या लगभग 1.06 करोड़ (10.61 मिलियन) थी। भारत के बाद चीन (हांगकांग और ताइवान को छोड़कर) का स्थान है, जहां से लगभग 24 लाख (2.40 मिलियन) लोग आए हैं और फिर फिलीपींस का नंबर आता है, जहां से लगभग 22.4 लाख (2.24 मिलियन) लोग आए हैं। अमेरिका में रहने वाली कुल विदेशी मूल की आबादी लगभग 5.04 करोड़ (50.41 मिलियन) थी। कैलिफोर्निया में भारतीय मूल के लोगों की आबादी सबसे ज्यादा (लगभग 10.2 लाख) थी। इसके बाद टेक्सास (लगभग 7.08 लाख), न्यू जर्सी (लगभग 4.71 लाख), न्यूयॉर्क (लगभग 4.2 लाख) और इलिनोइस (लगभग 2.88 लाख) का नंबर आता है। फ्लोरिडा लगभग 2.39 लाख की आबादी के साथ छठे स्थान पर रहा।

एसीएस के आंकड़ों से परिवारों की आय में बढ़ोतरी का भी पता चला। 2025 में परिवारों की राष्ट्रीय मीडियन (मध्य) आय 84,780 डॉलर थी, जबकि 2024 में यह 81,604 डॉलर थी।

जनगणना ब्यूरो ने अपनी रिपोर्ट में पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े नए आंकड़े भी जारी किए।

ब्यूरो के अनुसार, कैलिफोर्निया में सबसे ज्यादा (लगभग 14 प्रतिशत) ऐसे परिवार थे जिनके पास इलेक्ट्रिक वाहन (खरीदा हुआ या लीज पर लिया हुआ) था। यह आंकड़ा 5.5 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से दोगुने से भी ज्यादा है।

जनगणना ब्यूरो की सर्वेक्षण सांख्यिकीविद् ट्रिशिया होली ने कहा, “इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में पश्चिमी राज्यों ने सबसे आगे बढ़कर काम किया है। कैलिफोर्निया में प्रति परिवार इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की दर सबसे ज़्यादा रही, जिसके बाद वाशिंगटन, हवाई और नेवादा का स्थान आता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर हम काउंटी (जिले) के स्तर पर देखें, तो कैलिफोर्निया की सांता क्लारा काउंटी देश में सबसे आगे है, जहाँ लगभग 24 प्रतिशत परिवारों के पास इलेक्ट्रिक वाहन है।”

सिलिकॉन वैली का ज्यादातर टेक्नोलॉजी उद्योग सांता क्लारा काउंटी में ही स्थित है। वर्जीनिया की लाउडन काउंटी (13.9 प्रतिशत) और वाशिंगटन की किंग काउंटी (13.4 प्रतिशत) भी उन काउंटियों में शामिल हैं, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है।

राष्ट्रीय स्तर पर, लगभग 12.23 करोड़ परिवारों के पास कम से कम एक वाहन है और इनमें से लगभग 73 लाख परिवारों के पास कम से कम एक ऐसा वाहन है जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक है या प्लग-इन हाइब्रिड है।

इस सर्वे में पहली बार सीवर सिस्टम (मल-जल निकासी व्यवस्था) से जुड़े आंकड़े भी जुटाए गए। लगभग 80 प्रतिशत घर सार्वजनिक सीवर सिस्टम से जुड़े थे, जबकि 19.2 प्रतिशत घरों में सेप्टिक टैंक की सुविधा थी। एसीएस उन 40 से अधिक विषयों में से अधिकांश के लिए स्थानीय अनुमानों का एकमात्र स्रोत है, जिन्हें यह कवर करता है। इन विषयों में भाषा, शिक्षा, आवागमन, रोजगार, आय, गरीबी और स्वास्थ्य बीमा शामिल हैं। 1-वर्षीय अनुमानों में 65,000 या उससे अधिक आबादी वाले क्षेत्र शामिल होते हैं।

ब्यूरो ने बताया कि 2025 के बाकी एसीएस उत्पादों के जारी होने की तारीखों की घोषणा आने वाले महीनों में की जाएगी, क्योंकि अभी इनमें जरूरी पद्धतिगत बदलाव किए जा रहे हैं।

–आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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IANS Agency

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