अमेरिका को ईरान के प्रति अपना रवैया और भाषा बदलनी होगी: राष्ट्रपति पेजेश्‍क‍ियन

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तेहरान, 25 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने कहा है कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपनी भाषा और नजरिया में बदलाव करना चाहिए। राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, पेजेशकियन ने सोमवार को तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा क‍ि अमेरिका का दबाव और धमकाने वाली नीतियों पर भरोसा करना केवल प्रक्रियाओं को और जटिल बनाएगा। पेजेश्‍क‍ियन ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए और ऐसा ईरान के वैध…

तेहरान, 25 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने कहा है कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपनी भाषा और नजरिया में बदलाव करना चाहिए। राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, पेजेशकियन ने सोमवार को तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बैठक के दौरान यह बात कही।

उन्होंने कहा क‍ि अमेरिका का दबाव और धमकाने वाली नीतियों पर भरोसा करना केवल प्रक्रियाओं को और जटिल बनाएगा। पेजेश्‍क‍ियन ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए और ऐसा ईरान के वैध अधिकारों तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर करना चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तय किए गए लक्ष्यों को दोनों देशों की संयुक्त इच्छा और सहयोग के जरिए हासिल किया जा सकेगा।

18 जून को अमेरिका और ईरान के बीच यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ था। इसके तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत करके अंतिम समझौते तक पहुंचना था। यह अवधि 17 अगस्त को समाप्त हो गई।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच हालिया तनाव बढ़ने के बाद इन वार्ताओं का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को कहा कि ईरान युद्ध का अंत उन शर्तों पर नहीं होने देगा जो ‘आक्रामक पक्ष’ तय करें।

तेहरान में आयोजित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाघेई ने कहा क‍ि हमने निश्चित रूप से युद्ध की शुरुआत नहीं की है, लेकिन हम यह भी नहीं होने देंगे कि युद्ध का अंत आक्रामक पक्षों की शर्तों पर हो।

उन्होंने कहा कि ईरान अपनी भूमि और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह न तो ‘आक्रामक पक्षों’ के सामने समझौता करेगा और न ही उनकी ‘अत्यधिक मांगों’ के आगे झुकेगा।

बाघेई ने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि होर्मुज स्‍ट्रेट खुला हुआ है और हर दिन लाखों बैरल तेल वहां से गुजर रहा है।

इसके अलावा, बाघेई ने अमेरिका की ओर से हाल ही में घोषित ईरान-विरोधी आर्थिक कार्रवाई की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि तेहरान अमेरिकी प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए अपनी सभी बहुपक्षीय क्षमताओं का इस्तेमाल करेगा। उनके अनुसार, ये प्रतिबंध स्वतंत्र व्यापार और देशों की संप्रभुता के लिए नुकसानदायक हैं।

प्रवक्ता ने चेतावनी भी दी कि जो देश अमेरिका की ईरान-विरोधी कार्रवाइयों में सहयोग करेंगे, उन्हें इसके परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को ‘आक्रामक कार्रवाई’ करार दिया।

–आईएएनएस

एवाई/पीएम

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IANS Agency

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