टोक्यो, 1 मई (आईएएनएस)। जापान ने शुक्रवार को रूस से तेल की एक खेप खरीदी। फरवरी 2022 के बाद यह पहली बार है जब जापान ने रूस से तेल खरीदा है।
जापान अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 90 प्रतिशत से ज्यादा आयात पश्चिम एशिया से करता है। इसका ज्यादातर तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। घरेलू आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए जापान अपने राष्ट्रीय तेल भंडार का इस्तेमाल भी कर रहा है।
रूस से खरीदा गया यह तेल ‘वॉयजर’ नाम के ऑयल टैंकर से लाया जा रहा है। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, यह टैंकर 3 मई को शिकोकू द्वीप के किकुमा बंदरगाह पहुंचेगा।
ओमान के झंडे वाला यह टैंकर शिकोकू द्वीप स्थित ताइयो ऑयल की रिफाइनरी तक तेल पहुंचाएगा।
ताइयो ऑयल के एक प्रतिनिधि ने तास से कहा, ”खरीदा जा रहा तेल सखालिन ब्लेंड ग्रेड का है। इस मामले में हम जापान सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”
इस बीच, जापान सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने राष्ट्रीय तेल भंडार से अतिरिक्त तेल जारी करना शुरू कर दिया है। यह मात्रा देश की करीब 20 दिनों की खपत के बराबर है। यह तेल इबाराकी प्रांत के तेल भंडार केंद्रों से जारी किया जा रहा है।
क्योडो न्यूज एजेंसी के मुताबिक, देशभर के 10 केंद्रों से कुल 58 लाख किलोलीटर तेल चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा।
जापान की प्रधानमंत्री सना ताकाइची के अनुसार, मई महीने के लिए जापान अपनी करीब 60 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत ऐसे रास्तों से पूरी करने की उम्मीद कर रहा है, जो होर्मुज स्ट्रेट से होकर नहीं गुजरते।
उन्होंने 25 अप्रैल को पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक की थी। इसमें कहा गया था कि मध्य पूर्व और अमेरिका के अलावा जापान को अब मध्य एशिया, लैटिन अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र से भी तेल की आपूर्ति मिलेगी।
जापान सरकार का यह फैसला पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बाद लिया गया है। इससे पहले भी ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए सरकार राज्य और अन्य भंडारों से करीब 50 दिनों के बराबर तेल जारी कर चुकी है।
–आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
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