वाशिंगटन, 9 मई (आईएएनएस)। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने यूएस-भारत एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फोरम में कहा कि भारत, अमेरिका के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ एआई के लोकतंत्रीकरण पर जोर दे रहा है।
यहां एक कार्यक्रम में बोलते हुए क्वात्रा ने कहा कि भारत में हाल ही में आयोजित एआई समिट ने वैश्विक नेताओं, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत को एक मंच पर लाकर साझा विजन तैयार किया। उन्होंने कहा, “आखिरकार इसका उद्देश्य एआई का लोकतंत्रीकरण था।”
उन्होंने इस विचार को एआई के परिणामों तक अधिक पहुंच के रूप में समझाया। उन्होंने कहा, “अगर इस तकनीक का अंतिम उत्पाद इंटेलिजेंस है, तो उस इंटेलिजेंस का प्रसार लोगों के फायदे के लिए लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए।”
क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण साफ है कि एआई हर किसी के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विचार नई दिल्ली घोषणा-पत्र में भी शामिल था।
उन्होंने कहा, “समिट में वैश्विक इनोवेशन सिस्टम में कन्वर्जेंस देखने को मिला। आपने कई इनोवेशन इकोसिस्टम का एक साथ आना देखा।”
क्वात्रा ने कहा कि वैश्विक रिसर्च कम्युनिटी के साथ 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुख भी इसमें शामिल हुए।
उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, “हम इस क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच एक संयुक्त सहयोग फ्रेमवर्क पर भी हस्ताक्षर कर सकते हैं। यह साझेदारी तकनीक, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग तक फैली हुई है। ये संबंध सप्लाई चेन और आर्थिक गतिविधियों को आकार दे रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतनी तेजी और इतने बड़े पैमाने पर विकसित हो रहा है कि उसे पूरी तरह समझना अभी भी बहुत मुश्किल है।”
क्वात्रा ने कहा कि प्रगति को फायदों की एक शृंखला के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं इसे एक अकेली सफलता के तौर पर नहीं देखना चाहूंगा, बल्कि इसे लगातार आगे बढ़ने वाली प्रक्रिया के रूप में देखता हूं।”
उन्होंने पूंजी, तकनीक और प्रतिभा को जोड़ने वाले उदाहरण के तौर पर सेमीकंडक्टर निवेश का जिक्र किया। क्वात्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि एआई सिर्फ सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “यह हार्डवेयर की भी कहानी है, चाहे वह बिजली हो, डेटा सेंटर हों या जरूरी खनिज।”
भविष्य में सहयोग को लेकर क्वात्रा ने क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन और न्यूक्लियर फ्यूजन जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के बीच रिसर्च सहयोग, इनोवेशन का एक प्रमुख चालक बना हुआ है।
क्वात्रा ने गवर्नेंस और सुरक्षा पर भी बात की और कहा, “किसी भी तरह के गलत इरादे वाले हमलों से सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होती है।”
उन्होंने कहा कि भारत इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सुरक्षित, जोखिम-मुक्त और भरोसेमंद एआई पर फोकस कर रहा है।
भारत और अमेरिका ने हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाया है। इसमें सेमीकंडक्टर, एआई और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देश उद्योगों में इनोवेशन और डिप्लॉयमेंट को बढ़ावा देने के साथ-साथ भरोसेमंद और सुरक्षित सिस्टम के लिए समान मानक विकसित करने पर काम कर रहे हैं।
–आईएएनएस
केके/एएस
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