यूएन महासचिव चुनाव: मालदीव ने वापस लिया नामांकन, अब चुनाव मैदान में बची एक महिला उम्मीदवार

Summary :

संयुक्त राष्ट्र, 27 मार्च (आईएएनएस)। मालदीव ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के लिए वर्जीनिया गांबा के नामांकन को वापस लेने के बाद चिली ने भी पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बेचलेट के समर्थन से हाथ खींच लिया है। दोनों देशों के इस फैसले के बाद अब चुनाव मैदान में केवल एक महिला उम्मीदवार कोस्टारिका की प्रमुख अर्थशास्त्री रेबेका ग्रिनस्पैन ही बची हैं, जबकि कुल उम्मीदवारों की संख्या पांच से घटकर तीन रह गई है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष की प्रवक्ता ला नीस कॉलिन्स ने दी। कॉलिन्स के अनुसार, मालदीव ने महासभा और सुरक्षा परिषद के अध्यक्षों को पत्र लिखकर वर्जीनिया…

संयुक्त राष्ट्र, 27 मार्च (आईएएनएस)। मालदीव ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के लिए वर्जीनिया गांबा के नामांकन को वापस लेने के बाद चिली ने भी पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बेचलेट के समर्थन से हाथ खींच लिया है। दोनों देशों के इस फैसले के बाद अब चुनाव मैदान में केवल एक महिला उम्मीदवार कोस्टारिका की प्रमुख अर्थशास्त्री रेबेका ग्रिनस्पैन ही बची हैं, जबकि कुल उम्मीदवारों की संख्या पांच से घटकर तीन रह गई है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष की प्रवक्ता ला नीस कॉलिन्स ने दी।

कॉलिन्स के अनुसार, मालदीव ने महासभा और सुरक्षा परिषद के अध्यक्षों को पत्र लिखकर वर्जीनिया गांबा का नाम वापस लेने की जानकारी दी। गांबा संयुक्त राष्ट्र में कई वरिष्ठ पदों पर रह चुकी हैं। उनके नामांकन को पहले ही एक आश्चर्य के रूप में देखा जा रहा था क्योंकि उनका मालदीव से कोई खास संबंध नहीं था। मालदीव के स्थायी प्रतिनिधि अली नसीर मोहम्मद ने नाम वापस लेने का कोई कारण नहीं बताया।

अर्जेंटीना के राफेल ग्रोसी अभी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं और उन्हें अपने देश का पूरा समर्थन प्राप्त है। चिली के हटने के बावजूद ब्राजील और मैक्सिको के समर्थन से मिशेल बेचलेट अभी उम्मीदवार बनी हुई हैं। बेचलेट चिली की पूर्व राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार उच्चायुक्त रह चुकी हैं, जिसके चलते कई देशों के साथ उनके मतभेद भी रहे हैं।

अमेरिका में चक एडवर्ड्स ने उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया है और कहा है कि अमेरिकी संसद के कुछ सदस्य उनके खिलाफ पत्र तैयार कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल में मानवाधिकारों को लेकर मिशेल बेचलेट की आलोचना को इसका कारण बताया।

सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के कारण अमेरिका उनके चुनाव को वीटो कर सकता है, जिससे ब्राजील और मैक्सिको का समर्थन बेअसर हो सकता है। चुनाव के एक अन्य उम्मीदवार मैकी सैल हैं, जिन्हें बुरुंडी का समर्थन मिला है।

यदि कोई और मजबूत महिला उम्मीदवार सामने नहीं आती है तो कोस्टारिका की ग्रीनस्पैन को बढ़त मिल सकती है, क्योंकि इस बार एक महिला महासचिव चुनने का दबाव बढ़ रहा है।

महासभा के प्रस्ताव में भी लिंग के आधार पर “समान और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व” को एक लक्ष्य बताया गया है। महासभा अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक और सुरक्षा परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष ने भी पिछले साल चुनाव प्रक्रिया शुरू करते समय महिला उम्मीदवारों को प्रोत्साहित किया था।

नामांकन की अंतिम तारीख बुधवार है और 20 अप्रैल से उम्मीदवारों के इंटरैक्टिव सत्र शुरू होंगे, जिनमें वे अपनी योजना पेश करेंगे और सवालों के जवाब देंगे।

हालांकि महासभा में साधारण बहुमत से विजेता तय होता है, लेकिन असली निर्णय सुरक्षा परिषद करती है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार महासभा महासचिव की नियुक्ति सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर ही करती है।

आईएएनएस

वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.