सेना एक टूल है और कूटनीति दूसरा; अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने ईरान की लगातार बमबारी के खिलाफ दी चेतावनी

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वाशिंगटन, 16 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ बातचीत का बचाव करते हुए चेतावनी दी है कि लगातार बमबारी से होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित नहीं होगा और न ही इलाके में लंबे समय तक स्थिरता आएगी। उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि ट्रंप सरकार ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकने के लिए कूटनीति, आर्थिक दबाव और सैन्य ताकत को मिला रहा है। इसके साथ ही रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से ऊर्जा सप्लाई भी जारी रख रहा है। द जो रोगन एक्सपीरियंस पर एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “सेना एक टूल है, लेकिन…

वाशिंगटन, 16 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ बातचीत का बचाव करते हुए चेतावनी दी है कि लगातार बमबारी से होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित नहीं होगा और न ही इलाके में लंबे समय तक स्थिरता आएगी।

उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि ट्रंप सरकार ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकने के लिए कूटनीति, आर्थिक दबाव और सैन्य ताकत को मिला रहा है। इसके साथ ही रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से ऊर्जा सप्लाई भी जारी रख रहा है।

द जो रोगन एक्सपीरियंस पर एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “सेना एक टूल है, लेकिन कूटनीति दूसरा टूल है। इसलिए आपको असल में बात करने और प्रॉब्लम को समझने की कोशिश करने के लिए तैयार रहना होगा।”

वेंस ने माना कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना के अभियान को लेकर शुरू में उनका जोश कम था। हालांकि, उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति के तौर पर उनकी जिम्मेदारी डोनाल्ड ट्रंप को सलाह देना और फिर राष्ट्रपति के फैसले को लागू करना है।

उन्होंने कहा, “इस बारे में मेरा नजरिया यह नहीं है कि तीन महीने पहले लिए गए फैसले पर सोमवार सुबह ही फैसला सुना दिया जाए। इस बारे में मेरा नजरिया इसे जितना हो सके सफल बनाने की कोशिश करना है।”

वेंस ने कहा कि ईरान के साथ सरकार के एमओयू का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना, हिंसा रोकना और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए एक फ्रेमवर्क बनाना था।

उन्होंने कहा कि शुरुआती एग्रीमेंट से स्ट्रेट के जरिए तेल ट्रैफिक को फिर से शुरू करने में मदद मिली। लेकिन बाद में ईरानी कट्टरपंथियों को डर था कि तेहरान ने अपने मुख्य सोर्स को छोड़ दिया है और जहाजों पर हमले फिर से शुरू कर दिए हैं।

वेंस ने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक बेहद नाजुक कूटनीतिक संतुलन है, जिसमें हम आर्थिक दबाव और प्रोत्साहन, दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम ‘गाजर और डंडे’ की नीति अपना रहे हैं। हम ईरान के व्यवहारिक नेताओं से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं और जब वे हिंसक गतिविधियां करते हैं, तो हम उसका जवाब भी देते हैं।”

उन्होंने दावा किया कि ईरान की परमाणु सुविधाएं अब भी पूरी तरह तबाह हैं और होर्मुज स्ट्रेट से पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति जारी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा नहीं हुई है।

उपराष्ट्रपति वेंस ने यह भी कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े दीर्घकालिक समाधान को लेकर बातचीत अभी भी जारी है।

वेंस ने अमेरिका की विदेश नीति के आलोचकों की कड़ी निंदा की और लगातार सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि उनका प्रस्ताव बमबारी करना है और ईमानदारी से कहें तो, जो, उनके पास असल में कोई समाधान नहीं है।”

उन्होंने ईरान की सरकार को हटाने के लिए अमेरिका की जमीनी सेना भेजने की बात से इनकार किया और लीबिया में दखल के नतीजों को दोहराने के खिलाफ चेतावनी दी।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “हम किसी सरकार में बदलाव करने के लिए 150,000 जमीनी सैनिक नहीं भेजने वाले हैं। हम अब उस काम में नहीं हैं।”

–आईएएनएस

केके/पीएम

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